राम भारत की आत्मा, राम भारत की संस्कृति और संस्कार- मुख्यमंत्री

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विपक्ष राम नाम का शुरू से ही कर रहा है विरोध, विपक्ष के बड़े नेताओं ने राम सेतु का विरोध किया, कांग्रेस राम विरोधी- मुख्यमंत्री

विपक्ष के सदस्य सदन में चर्चा करने की बजाय लोगों में जाकर बोलते है झूठ

चंडीगढ़, 26 फरवरी – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री राम भारत की आत्मा हैं, संस्कार हैं और  इस राष्ट्र की संस्कृति का आधार हैं। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी दल कांग्रेस इस पवित्र नाम से नफरत करता है। कांग्रेस हमेशा राम के नाम को लेकर विरोध करती रही है। इनके बड़े नेताओं ने राम सेतु पर भी आपत्ति दर्ज कराई। कांग्रेस राम विरोधी है। विपक्ष के सदस्य सदन में चर्चा करने की बजाय लोगों के बीच में जाकर झूठ बोलते हैं, इसलिए एक निंदा प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री वीरवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक श्री राम कुमार कश्यप द्वारा वीबी जी- राम-जी पर लाए गए प्रस्ताव पर बोल रहे थे।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सभी को मालूम है कि विपक्ष के समय में किस प्रकार ये सदन से बाहर उठाकर फेंक देते थे। परंतु आज किसी के प्रति ऐसी सोच नहीं है। आज सबको  बैठकर सुना जाता है। किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सबको समय दिया जाता है। परंतु इसके बावजूद भी विपक्ष के सदस्य यहां बैठ कर चर्चा नहीं करते।

उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल राम नाम से इतना नफरत करता है कि वे यहां बैठ कर सुन भी नहीं पाए। गरीब की आशा का प्रस्ताव विधायक द्वारा लाया गया है और कांग्रेस इसे सुनने के लिए तैयार ही नहीं ।*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत – गारंटी फॉर रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) :  (विकसित भारत – जी राम जी) किया गया है। इसके तहत 100 दिन के कार्य दिवस की सीमा को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। परंतु कांग्रेस श्रमिकों में भ्रामक प्रचार कर रही है। जबकि उनके समय में तो मनरेगा के तहत केवल गड्ढे खोदने और भरने का ही काम मिलता था, लेकिन वीबी जी राम जी के तहत कार्यों का भी विस्तार किया गया है, जिससे श्रमिकों को अधिक काम मिलेगा।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मनरेगा का नाम कांग्रेस के समय में परिवर्तित किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गत दिनों जब पंजाब में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तो उस दौरान उन्हें मनरेगा श्रमिकों ने बताया कि उन्हें न तो काम मिलता है और न ही पैसा मिलता है। बड़ा भ्रष्टाचार है। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्री ने जब सोशल ऑडिट करवाया तो बहुत सारी कमियां पाई गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मनरेगा के नियम बदलने का निर्णय किया और जो मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी किया। इतना ही नहीं, इस एक्ट के तहत कार्य दिवसों का समय बढ़ाया गया। साथ ही, कार्य की प्रकृति का भी विस्तार किया गया।

श्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मनरेगा का नाम बदला गया तो कांग्रेस ने श्रमिकों के बीच भ्रामक स्थिति फैलाने का प्रयास किया। गत 2 दिन पहले भी विपक्ष ने सड़क पर प्रदर्शन किया, जिस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया कि रास्ता ब्लॉक किया। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष ने हाथों में मनरेगा के मजदूरों के साथ अन्याय हुआ के बैनर थे। ये बताएं कि श्रमिकों के साथ क्या अन्याय हुआ है।

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Author: Bharat Sarathi

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