नियम 84 के तहत संशोधित मोशन पर कांग्रेस का बहिष्कार, संसदीय परंपराओं की रक्षा का दावा

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आफताब अहमद और भारत भूषण बत्रा बोले – चर्चा से नहीं भाग रहे, लेकिन नियमों से समझौता स्वीकार नहीं

चंडीगढ़, 26 फरवरी। हरियाणा विधानसभा में नियम 84 के अंतर्गत सूचीबद्ध मोशन में किए गए संशोधन को लेकर कांग्रेस विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद और कांग्रेस विधायक दल के चीफ व्हिप भारत भूषण बत्रा ने संयुक्त बयान जारी कर कड़ा ऐतराज जताया है।

दोनों नेताओं ने कहा कि आज सदन में नियम 84 के तहत सूचीबद्ध मोशन को मूल स्वरूप से संशोधित (अमेंड) कर प्रस्तुत किया गया, जिसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने प्रस्तावना का बहिष्कार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बहिष्कार चर्चा से बचने के लिए नहीं, बल्कि संसदीय परंपराओं और बिजनेस रूल बुक की गरिमा बनाए रखने के लिए किया गया।

आफताब अहमद और भारत भूषण बत्रा के अनुसार, दस्तावेजों में जो मोशन पहले एजेंडे में शामिल था, उसे संशोधित कर “100 दिनों से 125 दिनों तक रोजगार गारंटी बढ़ाने” के विषय में चर्चा के रूप में प्रस्तुत किया गया। साथ ही उसमें तथाकथित “विकसित भारत जी राम जी योजना” के प्रावधानों को लेकर जनता और ग्रामीण मजदूरों में व्याप्त भ्रम पर चर्चा का उल्लेख जोड़ा गया।

दोनों नेताओं ने कहा कि नियम 84 के अंतर्गत सूचीबद्ध प्रस्ताव को इस प्रकार मूल रूप से परिवर्तित नहीं किया जा सकता। नियमों की व्याख्या ही सर्वोपरि होती है और वही सदन की कार्यवाही को संचालित करती है। यदि कोई प्रस्ताव नियमों के अनुरूप मेंटेनेबल नहीं है, तो उस पर चर्चा भी वैधानिक रूप से संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 (मनरेगा) अथवा तथाकथित “जी राम जी एक्ट” पर चर्चा से नहीं भाग रही है। कांग्रेस विधायक आज भी इस विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते कि चर्चा बिजनेस रूल के दायरे में या राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कराई जाए।

कांग्रेस विधायकों ने कहा कि मनरेगा कानून वर्ष 2005 में लोकसभा और राज्यसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित एक ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी कानून है। उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा नया कानून लाकर महात्मा गांधी का नाम हटाने और मूल कानून की भावना बदलने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

आफताब अहमद और भारत भूषण बत्रा ने कहा कि जिस रूप में भारतीय जनता पार्टी चर्चा कराना चाहती है, वह नियम विरुद्ध, असंवैधानिक और गैरकानूनी है। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मर्यादाओं, संवैधानिक मूल्यों और सदन की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आगे भी नियमों के दायरे में जनहित के मुद्दे उठाती रहेगी।

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Author: Bharat Sarathi

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