भारतीय मजदूर संघ ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

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राष्ट्रव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत गुरुग्राम में पैदल मार्च, श्रम कानूनों व पेंशन सुधार की प्रमुख मांगें उठाईं

गुरुग्राम, 25 फरवरी। भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर 25 फरवरी को आयोजित राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला गुरुग्राम में व्यापक प्रदर्शन किया गया। बिजली विभाग के सर्कल ऑफिस, महरौली रोड से लेकर जिला उपायुक्त कार्यालय, लघु सचिवालय तक लगभग 3 से 4 किलोमीटर का पैदल मार्च निकालते हुए संघ से संबंधित विभिन्न यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और देश के प्रधानमंत्री तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने की। मुख्य वक्ता के रूप में संघ के नवनिर्वाचित अखिल भारतीय मंत्री एवं हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री समय सिंह ने किया।

समय सिंह ने बताया कि शांतिपूर्ण मार्च के माध्यम से जिला उपायुक्त के जरिए मांगपत्र केंद्र और राज्य सरकार को प्रेषित किया गया। प्रदर्शन के दौरान “भारत माता की जय” के जयघोष से वातावरण देशभक्ति के रंग में रंगा रहा।

पुरी अधिवेशन के निर्णयों पर जोर

अशोक कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि संघ का 21वां अखिल भारतीय त्रिवार्षिक अधिवेशन 6, 7 और 8 फरवरी 2026 को पुरी में भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि पर संपन्न हुआ। अधिवेशन में देशभर से आए प्रतिनिधियों ने श्रमिकों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर व्यापक चर्चा कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए।

उन्होंने बताया कि अधिवेशन से पूर्व संघ के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री से भेंट कर मांगों का ज्ञापन सौंपा था, जिस पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। किंतु अभी तक ठोस कदम न उठाए जाने के कारण संघ ने देशव्यापी आंदोलन का मार्ग अपनाया है।

प्रमुख मांगें

ज्ञापन में केंद्र सरकार से निम्न प्रमुख मांगें की गई हैं—

  • सभी सेक्टरों व श्रमिकों पर बिना किसी छूट के श्रम कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन।
  • Industrial Relations Code, 2020 तथा Occupational Safety, Health and Working Conditions Code, 2020 में निहित श्रमिक चिंताओं का समाधान।
  • त्रिपक्षीय तंत्र का पुनरुद्धार, Indian Labour Conference को अविलंब आहूत करना।
  • Employees’ Pension Scheme 1995 (EPS-95) के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन ₹1000 से बढ़ाकर ₹7500 प्रतिमाह करने तथा महंगाई भत्ते से जोड़ने की मांग।
  • Employees’ Provident Fund Organisation (EPF) में अनिवार्य अंशदान की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 तथा Employees’ State Insurance Corporation (ESIC) कवरेज सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 प्रतिमाह करने की मांग।
  • Payment of Bonus Act, 1965 के तहत बोनस पात्रता व कैलकुलेशन सीमा में वृद्धि।
  • संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 व 21 की भावना के अनुरूप स्कीम वर्करों व ठेका श्रमिकों का स्थायीकरण।
  • बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना।
  • सामान्य भर्ती पर लगी रोक हटाकर रोजगार की गारंटी।
  • Bharat Sanchar Nigam Limited / Mahanagar Telephone Nigam Limited कर्मचारियों के लिए तृतीय वेतन पुनरीक्षण समिति की सिफारिशें लागू करना तथा पूर्ण पेंशन लाभ प्रदान करना।
राज्य सरकार को भी सौंपा ज्ञापन

संघ ने अधिवेशन के निर्णयानुसार 25 फरवरी 2026 को पूरे देश में धरना-प्रदर्शन आयोजित कर जिला मुख्यालयों के माध्यम से प्रधानमंत्री और श्रम मंत्रालय को ज्ञापन भेजा। इसी क्रम में प्रदेश स्तर की मांगों के समाधान हेतु मुख्यमंत्री के नाम भी ज्ञापन प्रेषित किया गया।

संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र व राज्य सरकार श्रमिक समुदाय के हित में शीघ्र सकारात्मक और ठोस कदम उठाएगी।

इस अवसर पर भारतीय प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष योगेश शर्मा, अखिल भारतीय मंत्री नवीन कुमार, जिला कोषाध्यक्ष शिव कुमार, अनुबंधित कर्मचारी संघ के प्रदेश मंत्री उदय शंकर, जिला मंत्री अशोक नैन, जिला अध्यक्ष अरुण कुमार गम, प्रेस सचिव यशपाल नौनीवाल, एनएचएम जिला अध्यक्ष अनिल कुमार सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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