हरियाणा विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली उजागर

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कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने बजट सत्र में सरकार को घेरा, 1069 मेडिकल ऑफिसर और 570 फार्मासिस्ट पद खाली

चंडीगढ़, 24 फरवरी 2026। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में स्वास्थ्य विभाग की जमीनी हकीकत पर तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक एवं कैथल से विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को “भयावह” बताया और भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

सदन में बोलते हुए सुरजेवाला ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और जिला अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक स्थिति छिपा रही है, जबकि आंकड़े खुद सच्चाई बयान कर रहे हैं।

मेडिकल ऑफिसरों की भारी कमी

प्रदेश में मेडिकल ऑफिसर (MO) के 4040 स्वीकृत पदों में से केवल 2971 भरे हुए हैं, जबकि 1069 पद (करीब 26.5%) खाली हैं। करनाल (136), हिसार (101), अंबाला (91), जींद (89), यमुनानगर (96) और कैथल (81) जैसे जिलों में स्थिति गंभीर बताई गई।

डेंटल सर्जन और फार्मासिस्ट भी कम

डेंटल सर्जन के 725 पदों में से 164 (22.6%) रिक्त हैं। कैथल, सिरसा, हिसार और जींद में सबसे ज्यादा पद खाली हैं।

फार्मेसी अधिकारियों (Pharmacist) की स्थिति को उन्होंने “सबसे खतरनाक” बताया। 1167 पदों में से केवल 597 भरे हैं, जबकि 570 पद (49%) रिक्त हैं। अंबाला (50), करनाल (46), सोनीपत (44) और सिरसा (44) में स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फार्मासिस्ट ही नहीं होंगे तो मरीजों को दवा कौन देगा?

तकनीकी स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी

तकनीकी अधिकारियों के 1338 स्वीकृत पदों में 425 (32%) रिक्त हैं।
एमपीएचडब्ल्यू (मेल) में 2873 में से 876 (30%) पद खाली हैं, जबकि एमपीएचडब्ल्यू (फीमेल) में 2729 में से 835 पद रिक्त हैं।
रेडियोग्राफर के 409 में से 139 (34%) पद खाली हैं।
नर्सिंग अधिकारी/स्टाफ नर्स के 5039 पदों में 653 रिक्त हैं।

डॉक्टर-रोगी अनुपात भी चिंताजनक

सुरजेवाला ने बताया कि 2025-26 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार कैथल में डॉक्टर-रोगी अनुपात 105:1 है, फतेहाबाद में 86:1, सोनीपत में 52:1, पानीपत में 50:1 और नूंह में 47:1 है। उन्होंने कहा कि एक डॉक्टर पर 100 से अधिक मरीजों का बोझ स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता उजागर करता है।

सरकार से मांग

आदित्य सुरजेवाला ने मांग की कि:

  • सभी रिक्त पदों पर तुरंत विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए।
  • 450 मेडिकल ऑफिसरों की भर्ती प्रक्रिया तेज की जाए और शेष 619 पदों के लिए अधिसूचना जारी हो।
  • फार्मासिस्ट की 49% कमी को छह माह में दूर किया जाए।
  • एएनएम और स्टाफ नर्स की भर्ती को प्राथमिकता दी जाए।
  • प्रत्येक जिले में डॉक्टर-रोगी अनुपात सुधारने का लक्ष्य तय किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा में लापरवाही जनता के साथ अन्याय है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

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