सदन की मर्यादा सर्वोपरि, बुजुर्गों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता; आईडीएफसी प्रकरण में 556 करोड़ रुपये की पूरी राशि वापस: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

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विपक्ष के प्रदर्शन पर जताई आपत्ति, पेंशन कटौती की अफवाहों को बताया निराधार; भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की दोहराई नीति

चंडीगढ़, 24 फरवरी। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष द्वारा सदन के मुख्य द्वार पर किए गए प्रदर्शन को अनुचित बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन करना हो तो सेक्टर-25, चंडीगढ़ में निर्धारित स्थान पर किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी है और सरकार इस संबंध में उनके हर निर्णय के साथ खड़ी है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी सदस्यों को साथ लेकर चल रहे हैं और निष्पक्षता का परिचय दे रहे हैं।

बुजुर्गों की पेंशन पर अफवाहें फैलाना गलत

पेंशन कटौती के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सहायता सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पेंशन बंद नहीं की, बल्कि उसमें बढ़ोतरी की है। अब बुजुर्गों को पेंशन सीधे बैंक खातों में मिलती है और एसएमएस के माध्यम से सूचना भी दी जाती है। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय बुजुर्गों को महीनों तक पेंशन के लिए इंतजार करना पड़ता था।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी मामले में सत्यापन की आवश्यकता होती है तो पेंशन अस्थायी रूप से होल्ड की जाती है, सत्यापन पूरा होते ही राशि जारी कर दी जाती है।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक प्रकरण में 556 करोड़ रुपये वापस

मुख्यमंत्री ने सदन में जानकारी दी कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक प्रकरण में हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और बोर्ड-निगमों से संबंधित 556 करोड़ रुपये की संपूर्ण राशि बैंक द्वारा वापस जमा कर दी गई है, जिसमें लगभग 22 करोड़ रुपये ब्याज भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति इस मामले में अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेगी। बैंक के अनुसार यह मामला मुख्य रूप से चंडीगढ़ शाखा से जुड़ा था और मिडिल तथा लोअर लेवल कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासन व्यवस्था पूरी तरह बदल चुकी है और अब भ्रष्टाचार की फाइलें दबाने का समय समाप्त हो गया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार ‘जीरो टॉलरेंस टू करप्शन’ की नीति पर कार्य कर रही है और जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के 2 करोड़ 80 लाख लोगों की मेहनत का पैसा सुरक्षित है और उसे केवल जनकल्याण के कार्यों में ही खर्च किया जाएगा।

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Author: Bharat Sarathi

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