FIR के बाद परिजन पहुंचे थाना, SHO से की मुलाकात; एजुकार्स्ट स्कूल मामले में कार्रवाई पर सवाल

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दो-तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं तो DC ऑफिस का घेराव, परिजनों की चेतावनी

स्कूल मान्यता पर DEO-CBSE से मांगी गई पुष्टि, जांच जारी

‘बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’—स्कूल बंद करने की मांग तेज

गुरुग्राम, 24 फरवरी 2026 । साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-9ए थाना क्षेत्र में स्थित एजुकार्स्ट इंटरनेशनल स्कूल (Educrest International School), सेक्टर-9बी से जुड़े मामले में दर्ज एफआईआर के बाद 23 फरवरी 2026 (सोमवार) शिकायतकर्ता के सभी परिजन पुलिस स्टेशन पहुंचे और SHO से विस्तृत बैठक की।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में FIR दिनांक 18 फरवरी 2026 को दर्ज की गई थी। परिजनों का कहना है कि एफआईआर दर्ज हुए कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी संदर्भ में वे सोमवार को थाना पहुंचे और कार्रवाई की प्रगति के बारे में जानकारी ली।

SHO ने बताया कि पुलिस टीम स्कूल परिसर में जाकर एफआईआर में नामजद चारों आरोपियों की तलाश कर चुकी है, लेकिन वे मौके पर नहीं मिले। मामले की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय को पत्र भेजकर स्कूल की मान्यता (Affiliation) की पुष्टि मांगी गई है। साथ ही सीबीएसई (CBSE) को भी पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि संबंधित स्कूल उनसे संबद्ध है या नहीं। पुलिस का कहना है कि जैसे ही आधिकारिक पुष्टि और पुख्ता साक्ष्य प्राप्त होंगे, गिरफ्तारी सहित आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब स्कूल के प्रिंसिपल ने मीडिया के सामने स्वयं यह स्वीकार किया है कि स्कूल कई वर्षों से बिना विधिवत प्रक्रिया के संचालित हो रहा था, तो फिर तत्काल कार्रवाई और गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान कई विपक्षी नेता और समाजसेवी भी मौजूद रहे और परिजनों का समर्थन किया। परिजनों ने SHO को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दो-तीन दिनों के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई तो वे जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय का घेराव करेंगे, DEO कार्यालय के बाहर धरना देंगे तथा प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक पुतला दहन करेंगे।

परिजनों की मांग है कि स्कूल को तत्काल बंद किया जाए, परिसर पर ताला लगाया जाए और बिना मान्यता चल रहे अन्य स्कूलों की भी जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

अब देखना यह है कि प्रशासन और पुलिस विभाग इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और आरोपियों के विरुद्ध अगला कदम कब उठाया जाता है।

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Author: Bharat Sarathi

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