भाजपा-संघ के ‘हिन्दू जागरूकता सम्मेलनों’ से दूर रहें पिछड़े-दलित वर्ग: वेदप्रकाश विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

संवैधानिक अधिकारों पर खतरे का आरोप, बहिष्कार की अपील

रेवाडी/गुरुग्राम, 23 फरवरी 2026। स्वयंसेवी संस्था ‘ग्रामीण भारत’ के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा, विशेषकर अहीरवाल क्षेत्र के पिछड़े और दलित वर्ग से अपील की है कि वे भाजपा-संघ द्वारा आयोजित कथित ‘हिन्दू जागरूकता सम्मेलनों’ में भाग लेकर संघी हिन्दुत्व की मनुवादी व्यवस्था को बढ़ावा देने की भूल न करें। उन्होंने कहा कि ऐसा करना अपनी और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ अन्याय होगा।

विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा-संघ द्वारा साम्प्रदायिक उन्माद पैदा कर आयोजित किए जा रहे ये कथित हिन्दू सम्मेलन सनातन धर्म और भारतीय सभ्यता-संस्कृति से प्रेरित नहीं, बल्कि राजनीतिक उद्देश्यों से संचालित कार्यक्रम हैं। उनका कहना था कि इन आयोजनों का उद्देश्य हिन्दू धर्म के नाम पर राजनीतिक पैठ मजबूत करना और सत्ता पर कब्जा बनाए रखना है, जिससे पिछड़े और दलित वर्ग के संवैधानिक अधिकारों पर आंच आ सकती है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पिछड़ा और दलित वर्ग इन सम्मेलनों के वास्तविक उद्देश्य को समझे बिना इनमें भागीदारी करता है, तो वह स्वयं अपने भविष्य के लिए गड्ढा खोदने जैसा कार्य करेगा। विद्रोही के अनुसार, यह कदम उन्हें फिर से कथित मनुवादी व्यवस्था की दासता की ओर धकेल सकता है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि आजादी से पहले और उसके तुरंत बाद पिछड़े और दलित वर्ग की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति अत्यंत दयनीय थी। उन्होंने दावा किया कि मनुवादी सोच के विरुद्ध लंबे सामाजिक और वैचारिक संघर्ष के बाद इन वर्गों को समानता और अधिकार मिले हैं। ऐसे में इन सम्मेलनों में भागीदारी उस संघर्ष को कमजोर करने का कार्य होगा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछड़े और दलित वर्ग के कुछ कथित भाजपा नेता निजी राजनीतिक और आर्थिक स्वार्थों के चलते समाज को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें एक बार फिर वैचारिक गुलामी की ओर ले जाने के षड्यंत्र में शामिल हैं।

विद्रोही ने अंत में आह्वान किया कि पिछड़ा और दलित समाज इस कथित खतरे को पहचाने, सावधानी बरते और ऐसे आयोजनों से स्वयं को दूर रखकर अपने संवैधानिक अधिकारों एवं सामाजिक सम्मान की रक्षा करे।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें