संवैधानिक पदों की गरिमा पर सवाल — कुमारी सैलजा

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चंडीगढ़, 27 जनवरी। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी पंक्ति में स्थान दिया जाना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह सवाल केवल कांग्रेस पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन सहित अन्य चैनलों के लाइव प्रसारण में भी जानबूझकर सामने की पंक्तियों पर ही फोकस रखा गया। कैमरा मंत्रियों पर केंद्रित रहा, जबकि दोनों नेता प्रतिपक्ष तीसरी पंक्ति में बैठे होने के कारण लंबे समय तक दिखाई ही नहीं दिए।

कुमारी सैलजा ने इसे संवैधानिक पदों की गरिमा के साथ असंगत बताते हुए कहा कि यह रवैया दर्शाता है कि भाजपा सरकार और उससे जुड़े संस्थान लोकतांत्रिक संतुलन के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस सत्ता के प्रदर्शन का अवसर नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के सम्मान का दिन है।

नाथूसरी चौपटा की पंचायतों ने सांसद कुमारी सैलजा को सौंपा ज्ञापन, जोहड़/तालाब की भूमि से अवैध कब्जे हटाने की मांग

खंड नाथूसरी चौपटा के अंतर्गत आने वाली अनेक ग्राम पंचायतों ने अपने-अपने गांवों के जोहड़/तालाब की पंचायती भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे अवैध कब्जों के मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा को विधिवत ज्ञापन सौंपा है। पंचायतों ने ज्ञापन में बताया कि राजस्व अभिलेखों में जो भूमि जोहड़/तालाब के रूप में दर्ज है, उस पर प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा खेती अथवा निर्माण कर कब्जा किया गया है, जिससे वर्षाजल संचयन, पशुओं के पेयजल और भूजल रिचार्ज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ज्ञापन सौंपने वाली पंचायतों में गुसाईआना, कागदाना, गिगोरानी, हंजीरा, चाडीवाल, जमाल,
राजपुरा साहनी, रूपाणा खुर्द, रूपावास, जसानिया, बकरियांवाली, रामपुरा नवंबाद (बगडिय़ा), दूकड़ा, नाथूसरी कलां, कुक्करथाना, बुडीमेड़ी, बरासरी, रामपुरा ढिल्लो, निरबान और नेजिया खेड़ा शामिल हैं। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि कई स्थानों पर 20 से 100 एकड़ तक जोहड़/तालाब की भूमि पर कब्जे होने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर बार-बार निवेदन के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है।

सांसद कुमारी सैलजा ने पंचायत प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल राजस्व रिकॉर्ड का नहीं, बल्कि जल संरक्षण और ग्रामीण पारिस्थितिकी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री को शीघ्र ही पत्र लिखकर मांग करेंगी कि इस मसले का संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं इस विषय को गंभीरता से उठा रही हैं और जनता के साथ खड़ी हैं।

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Author: Bharat Sarathi

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