भाजपा शासनकाल में हरियाणा लगातार घोटालों की चपेट में रहा, राजनीतिक संरक्षण की संभावना से इनकार नहीं
चंडीगढ़, 29 नवंबर। हरियाणा में सरकार और अधिकारियों की मिलीभगत से सामने आया 80 करोड़ रुपये का धान घोटाला पूरे राज्य में चिंता और चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है, और अब हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर, 80 करोड़ रुपये तक का धान घोटाला उजागर होना यह साबित करता है कि भाजपा शासन की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। न तो सरकारी खरीद प्रक्रिया पारदर्शी है और न ही निगरानी तंत्र अपनी भूमिका निभा रहा है। यह घोटाला किसी साधारण लापरवाही का परिणाम नहीं, बल्कि सत्ता संरक्षण में पनप रही संगठित लूट का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि यमुनानगर की कई राइस मिलों में हजारों मीट्रिक टन धान का भारी अंतर सामने आना स्पष्ट संकेत देता है कि यह एक योजनाबद्ध धोखाधड़ी है, जिसमें बड़े अधिकारियों की भूमिका और राजनीतिक संरक्षण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में इस पूरे मामले की सख्त, निष्पक्ष और समयबद्ध, उच्च स्तरीय जांच अत्यंत आवश्यक है।
राव ने सवाल उठाया कि जहां किसानों का अनाज ईमानदारी से खरीदा जाना चाहिए था, वहीं भाजपा सरकार की मिलीभगत और उदासीनता के कारण सरकारी धन और सार्वजनिक संसाधनों की खुली लूट को बढ़ावा मिला है। जब इतना बड़ा घोटाला उजागर हो चुका है तो अब तक दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
उन्होंने यह भी कहा कि कई अधिकारियों द्वारा अग्रिम जमानत लेना स्वयं इस घोटाले पर गहरे संदेह को जन्म देता है। इससे स्पष्ट है कि सरकार सच को सामने लाने के बजाय दोषियों को बचाने में अधिक रुचि रखती है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार से इस महाघोटाले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाए।
इस घोटाले में शामिल राइस मिलों, अधिकारियों और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करे।
उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि किसानों और सरकारी खजाने को हुए भारी नुकसान की भरपाई कैसे होगी, यह सरकार स्पष्ट करे।
दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में हरियाणा लगातार घोटालों की चपेट में रहा है, और यह धान घोटाला उसी कड़ी का ताज़ा एवं सबसे बड़ा उदाहरण है।जनता जवाब चाहती है, और कांग्रेस इस मुद्दे को हर मंच पर मजबूती से उठाएगी।









