हिसार में 50 टी.बी. मरीजों को वितरित की प्रोटीन युक्त आहार किट, अगस्त 2022 से लगातार जारी है सेवा अभियान

हिसार: सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व की अनूठी मिसाल पेश करते हुए वानप्रस्थ सीनियर सिटीजन क्लब, हिसार ने शिव कॉलोनी धर्मशाला में झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्र में रहने वाले 50 टी.बी. रोगियों को प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार किट की 43वीं किस्त वितरित की।
अगस्त 2022 में प्रधानमंत्री निक्षय मित्र योजना के तहत शुरू किया गया यह सेवा अभियान बिना किसी बाधा के निरंतर जारी है। क्लब पिछले 43 महीनों से हर माह नियमित रूप से टी.बी. रोगियों को पोषण सहयोग प्रदान कर रहा है, जो सामाजिक प्रतिबद्धता और मानवीय संवेदना का जीवंत उदाहरण बन गया है।

संस्था की उपसचिव श्रीमती सुनीता बहल ने बताया कि टी.बी. जैसी बीमारी से लड़ने में दवाओं के साथ पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से वितरित की जाने वाली किट में दो डिब्बे प्रोटीन पाउडर, एक किलो गुड़, एक किलो काला चना, एक किलो बेसन, दो पैकेट न्यूट्रेला और स्वच्छता के लिए दो साबुन शामिल किए गए।
टी.बी. अस्पताल से आए वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक श्री ओ.पी. वर्मा ने रोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि टी.बी. पूर्णतः उपचार योग्य रोग है, बशर्ते मरीज नियमित रूप से दवा का पूरा कोर्स लें। उन्होंने संतुलित आहार को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए आवश्यक बताया।

क्लब पदाधिकारी डॉ. एस.एम. बहल, श्रीमती सुनीता बहल, डॉ. सुनीता सुनेजा और श्रीमती श्यामा गोसाईं ने रोगियों से व्यक्तिगत संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा नियमित दवा और पौष्टिक भोजन लेने का संदेश दिया।
नव पंजीकृत मरीजों में राकेश सैनी (49 वर्ष, गले की टी.बी.), दीपक (37 वर्ष), कु. गोल्डी (19 वर्ष), कु. अनु (19 वर्ष), भातेरी (40 वर्ष), कु. डिम्पल (14 वर्ष), शोभा (30 वर्ष) और सत्य प्रकाश (40 वर्ष) शामिल हैं, जिनमें अधिकांश को फेफड़ों की टी.बी. पाई गई है।
कार्यक्रम का भावुक क्षण तब आया जब टी.बी. चैंपियन नवदीप गिल और सुदर्शन ने अपने स्वस्थ होने की प्रेरक कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि समय पर दवा और उचित पोषण से वे पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं तथा सकारात्मक सोच और अनुशासित उपचार से टी.बी. को हराया जा सकता है।
इस अवसर पर आशा वर्कर्स — अंजू, सुनीता, अनिता, शर्मिला, कैलाश, मीना और बंटी — ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
वानप्रस्थ का यह निरंतर सेवा अभियान “टी.बी. मुक्त भारत” के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सशक्त सामाजिक पहल माना जा रहा है।








