Category: देश

स्थापना दिवस विशेष (6 अप्रैल) : भारतीय जनता पार्टी: स्थापना और विकास यात्रा

सुरेश गोयल धूप वाला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी। इसके प्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए। हालांकि, पार्टी का…

6 वाँ बिम्सटेक शिखर सम्मेलन: थाईलैंड 2025 में भारत का प्रभावशाली आग़ाज़

भारत और थाईलैंड के बीच संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर तक ले जाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) की निष्क्रियता, अमेरिका चीन…

श्री राम नवमी महापर्व 6 अप्रैल पर विशेष : परिवार में समर्पण की पराकाष्ठा का महापर्व है श्री राम नवमी…..

समय बड़ा बलवान है ले लो इस से सीख।रंक बैठाये सिंहासन और राजा से मंगाये भीख।। प्रस्तुति डॉ. महेंद्र शर्मा कुरुक्षेत्र, 4 अप्रैल : समय बड़ा बलवान है जो किसी…

सांसद कुमारी सैलजा ने लोकसभा में उठाया सिरसा थेहड का मामला

35 एकड़ खाली करवाई गई भूमि पर बनाया जाए संग्राहलय या पार्क शेष 50 एकड़ भूमि का किया जाए डिनोटिफाइड, 713 परिवारों को किया जाए पुन: विस्थापित नई दिल्ली, 03…

वक़्फ़ संशोधन बिल 2025: एक ऐतिहासिक निर्णय

लोकसभा में 12 घंटे की मैराथन बहस के बाद बिल पारित -एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानीं विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की संसद में एक ऐतिहासिक क्षण तब आया जब…

अंतर्राष्ट्रीय गाजर दिवस 4 अप्रैल 2025 – गाजर खाओ, स्वस्थ बनाओ कुदरत के कायदे, गाजर के फायदे

गाज़र दिवस मनाने का मकसद पौष्टिक अहारों के प्रति लोगों में जनजागरण बढ़ाना है वर्तमान जंक व चाइनीस फूड वाले युग में पोषक तत्वों से भरपूर नेचुरल व इम्युनिटी बढ़ाने…

क्या एनडीए जेईई से ज्यादा कठिन है?

विजय गर्ग यह उन छात्रों के बीच एक सामान्य प्रश्न है जो राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के माध्यम से भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होने या संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)…

“भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता की नई पहल”

वक्फ संशोधन बिल 2024: पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर एक क्रांतिकारी कदम वक्फ संशोधन बिल 2024 लोकसभा में पारित हुआ, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही…

भ्रष्टाचार और समाज में उसकी भूमिका

एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी प्रस्तावना भ्रष्टाचार एक ऐसा बीज है, जो व्यक्ति को अपनी ओर आकर्षित करता है। जैसे ही यह बीज पनपता है, यह न केवल वर्तमान को बल्कि…

भारत का मध्यम वर्ग अंतरराष्ट्रीय स्कूलों में अपने बच्चों को क्यों दाखिल करना चाहता है

विजय गर्ग भारत में अब विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय स्कूलों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। अंतर्राष्ट्रीय स्कूली शिक्षा में वृद्धि मध्यम वर्ग की आकांक्षाओं, बढ़ी हुई आय और वैश्विक…

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