हरियाणा की जर्जर खेल व्यवस्था बनी मौत का मैदान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

—तीन दिन में दो बास्केटबॉल खिलाड़ियों की मौत पर उठे गंभीर सवाल

चंडीगढ़/रेवाडी, 27 नवंबर 2025 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा की खेल व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन दिनों के भीतर दो युवा बास्केटबॉल खिलाड़ियों की मौत किसी हादसे का परिणाम नहीं, बल्कि प्रदेश की चरमराई खेल प्रणाली की सीधी जिम्मेदारी है।

रविवार को बहादुरगढ़ के ब्रिगेडियर होशियार सिंह खेल स्टेडियम में 15 वर्षीय उभरते खिलाड़ी अमन की बास्केटबॉल पोल गिरने से मौत हो गई थी। वहीं, बुधवार को लाखन माजरा में 16 वर्षीय नेशनल खिलाड़ी हार्दिक की प्रैक्टिस के दौरान पोल गिरने से मौत हो गई। विद्रोही ने कहा कि यह घटनाएँ बताती हैं कि जर्जर पोल, टूटी सुविधाएँ और वर्षों से मरम्मत न होने के कारण स्टेडियम अब खेल मैदान नहीं, बल्कि मौत के मैदान में बदल चुके हैं।

विद्रोही ने प्रश्न उठाया कि—

  • जब पोल जर्जर थे तो उन्हें समय पर बदला क्यों नहीं गया?
  • अधिकारियों ने नियमित निरीक्षण क्यों नहीं किया?
  • खिलाड़ियों की सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में बनाए गए 481 राजीव गांधी खेल स्टेडियम आज बदहाली की चरम सीमा पर हैं। न तो रख-रखाव हुआ, न ही भाजपा सरकार ने दस साल में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाया।
इन स्टेडियमों की स्थिति—

  • उपकरणों पर जंग,
  • मैदानों में घास व झाड़ियाँ,
  • टूटी दीवारें,
  • जर्जर इमारतें—
    खेल सुविधाओं की पोल खोलती हैं।

रेवाड़ी जिले के कोसली, गुरावड़ा, आशियाकी पांचौर, मनेठी और नेहरूगढ़ समेत कई स्टेडियमों के निरीक्षण के बाद विद्रोही ने दावा किया कि राज्य के अधिकांश राजीव गांधी स्टेडियम जर्जर और खतरनाक स्थिति में पहुँच चुके हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि—

  • खेल नर्सरी के खिलाड़ियों को 8 महीने से 2 साल तक खुराक का पैसा नहीं मिला,
  • जूनियर नेशनल खिलाड़ियों की इनामी राशियाँ 2–3 साल से बकाया हैं,
  • प्रशिक्षक, कोच, स्टाफ और आवश्यक उपकरणों की भारी कमी है।

विद्रोही ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा की खेल प्रणाली को चौपट कर दिया, और आज इसकी कीमत युवा प्रतिभाओं को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें