Category: देश

गिल्ली-डंडा और कंचे जैसे खेल बच्चों में भरेंगे नए रंग

विजय गर्ग यदि आपके बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं और अब तक गिल्ली-डंडा, कंचे, कबड्डी, गुट्टी व राजा मंत्री-चोर सिपाही जैसे खेलों से परिचित नहीं हैं, तो जल्द ही…

आईआईटी बनाम एनआईटी बनाम आईआईआईटी : कौन है बेहतर ?

विजय गर्ग आईआईटी का कोई मुकाबला नहीं!आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) की प्रतिष्ठा न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी अद्वितीय है। आईआईटी-जेईई को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं…

टारगेट माओवाद 2026: भारत में नक्सलवाद जीरो टॉलरेंस नीति अपने अंतिम चरण में

गृहमंत्री का दंतेवाड़ा दौरा: 4-5 अप्रैल 2025 भारत में जिलास्तरीय दबंगों,माफियाओं,सट्टा जुआ किंग्स पर भी रणनीतिक शिकंजा क़सनें उच्चस्तरीय बैठकें समय की मांग – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी भारत की…

घोर कलयुग की दस्तक ……. नैतिक पतन के चलते खतरे में इंसानी रिश्ते

समाज में कितना पतन बाकी है? यह सुनकर दिल दहल जाता है कि कोई बेटा अपने ही माता-पिता की इतनी निर्ममता से हत्या कर सकता है? महिला ने जेठ के…

नया प्लास्टिक : समुद्र में घुलने वाला और पर्यावरण के लिए सुरक्षित

विजय गर्ग …….. सेवानिवृत्त प्राचार्य परिचय प्लास्टिक का उपयोग हमारे दैनिक जीवन में व्यापक रूप से होता है। इसका टिकाऊ और मजबूत होना इसे कई उपयोगों के लिए उपयुक्त बनाता…

चैत्र नवरात्र 30 मार्च – 6 अप्रैल 2025: गज पर सवार होकर आएगी शेरावाँलिएं

गज पे सवार होके आजा शेरांवांलिएं – शेरावांलिएं मां ज्योतावांलिएं चैत्र नवरात्रि देवी दुर्गा के हर स्वरूप की उपासना का पर्व है, जो नारी शक्ति के हर पहलू को दर्शाता…

1075 वाँ चेट्रीचंड्र (झूलेलाल जयंती) महोत्सव 30 मार्च 2025 को पूरी दुनियाँ में धूमधाम से मनाया जाएगा

सदियों से मनाया जाने वाला चेट्रीचंड्र पर्व सद्भाव, भाईचारे, एकता, अन्याय पर न्याय की विजय और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। भारत सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्सव की धूम भारत…

क्या सचमुच सिमट रही है दामन की प्रतिष्ठा?

समय के साथ परिधान और समाज की सोच में बदलाव आया है। पहले “दामन” केवल वस्त्र का टुकड़ा नहीं, बल्कि मर्यादा और संस्कृति का प्रतीक माना जाता था। पारंपरिक वस्त्रों—साड़ी,…

शहरों का घुटता आसमान …….

विजय गर्ग आज से करीब साढ़े तीन-चार दशक पहले तक स्थिति इतनी भयावह नहीं थी। तब सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या सीमित थी, और हवा में घुलने वाले…

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