हरियाणा के विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 9 बड़े प्रस्तावों को दी मंजूरी, 11.96 करोड़ रुपये की बचत

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*हरियाणा रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 500 नई बसें और 24 ट्रक, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था होगी मजबूत*

*गुरुग्राम में दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास से घटेगा ट्रैफिक का दबाव, लाखों लोगों को मिलेगी राहत*

*मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

चंडीगढ़, 3 नवंबर – हरियाणा में सड़क, परिवहन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी (HPPC) और हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में कुल नौ प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों से प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, शहरी क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा और स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा। बोलीदाताओं के साथ विस्तृत बातचीत के बाद सरकार ने लगभग 11.96 करोड़ रुपये की बचत भी की। 

*500 नई बसों से मजबूत होगा हरियाणा रोडवेज का बेड़ा, यात्रियों को मिलेगी बेहतर परिवहन सुविधा*

मुख्यमंत्री ने हरियाणा रोडवेज के लिए 500 पूर्ण निर्मित डीजल इंजन वाली नॉन-एसी बसों की खरीद को मंजूरी प्रदान की है। ये बसें नवीनतम BS-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप होंगी। इसके अतिरिक्त 24 पूर्ण निर्मित डीजल इंजन वाले ट्रकों की खरीद और रोडवेज के डिपो एवं सब-डिपो के लिए आगामी एक वर्ष की आवश्यकता के अनुसार डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (DEF) की खरीद को भी स्वीकृति दी गई। इन 500 नई बसों के शामिल होने से हरियाणा रोडवेज की परिवहन क्षमता बढ़ेगी, यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और विभिन्न रूटों पर बस सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

*गुरुग्राम में दो फ्लाईओवर और एक अंडरपास से यातायात को मिलेगी रफ्तार, जाम से मिलेगी राहत*

गुरुग्राम में बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने और शहर की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें सेक्टर-45-46 और 51-52 के चौराहे पर फ्लाईओवर, सेक्टर-85-86 और 89-90 के चौराहे पर फ्लाईओवर तथा मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के आसपास यातायात का दबाव कम करने के लिए सेक्टर-27-29 और 43-44 के चौराहे पर अंडरपास का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से गुरुग्राम के प्रमुख व्यस्त चौराहों पर यातायात का दबाव कम होगा। वाहन चालकों को बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और शहर के विभिन्न सेक्टरों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। 

बैठक में जींद जिले के गांव हैबतपुर में निर्माणाधीन संत शिरोमणि श्री धन्ना भगत जी राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए फर्नीचर की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इससे मेडिकल कॉलेज में आवश्यक सुविधाओं को विकसित करने और संस्थान को सुचारू रूप से संचालित करने की दिशा में मदद मिलेगी। इसके अलावा रोहतक स्थित स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में टाइप-II (जी+6) के 1300 वर्ग फुट के शिक्षक आवासों के शेष निर्माण कार्य को भी स्वीकृति दी गई।

*पानीपत में नया रेलवे ओवरब्रिज, आवागमन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी होगी बेहतर*

पानीपत जिले में जीटी रोड से डाहर होते हुए एनएच-709 तक मौजूदा रेलवे ओवरब्रिज के समानांतर नए रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी और रेलवे लाइन के कारण यातायात पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। 

नेगोसिएशन से सरकार को 11.96 करोड़ रुपये की बचत, पारदर्शी खरीद प्रक्रिया पर जोर

हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक में कुल सात एजेंडे रखे गए, जिनकी अनुमानित लागत 351.46 करोड़ रुपये थी। इनमें से चार मामलों को री-टेंडर करने का निर्णय लिया गया, जबकि तीन एजेंडों को अंतिम रूप दिया गया। इन तीन एजेंडों की मूल अनुमानित लागत 208.91 करोड़ रुपये थी। बोलीदाताओं के साथ बातचीत के बाद इन्हें 201.51 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया गया, जिससे लगभग 7.40 करोड़ रुपये की बचत हुई।

वहीं, हाई पॉवर्ड वर्क्स परचेज कमेटी (HPWPC) की बैठक में कुल सात एजेंडे रखे गए, जिनकी अनुमानित लागत 250.36 करोड़ रुपये थी। इनमें से एक मामले को री-टेंडर करने का निर्णय लिया गया, जबकि छह एजेंडों के कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। इन छह एजेंडों की अनुमानित लागत 227.74 करोड़ रुपये थी। बोलीदाताओं के साथ नेगोसिएशन के बाद इन कार्यों को 223.18 करोड़ रुपये में अंतिम रूप दिया गया, जिससे लगभग 4.56 करोड़ रुपये की बचत हुई।

*विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं, तय समय सीमा में पूरे हों सभी प्रोजेक्ट : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत सभी विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और इन्हें तेजी से पूरा कर जनता को इनका लाभ पहुंचाया जाए।

बैठक में हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री श्री विपुल गोयल, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री श्री रणबीर गंगवा, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, बिजली निगम की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री पी.सी. मीणा, परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अतुल कुमार, आपूर्ति एवं निपटान विभाग के  महानिदेशक श्री राजीव रतन, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव श्री अजय कुमार तथा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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