मुख्यमंत्री के पैतृक गांव मंगोली जठेर से कांग्रेस के ‘वोट बचाओ–देश बचाओ चौपाल’ अभियान का शुभारंभ

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3 से 25 नवंबर तक प्रदेशभर में लगेंगी चौपालें; मतदाता सूचियों की जांच और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा पर रहेगा जोर

निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति और कानूनी संरक्षण पर संजय दत्त ने उठाए सवाल; राव नरेंद्र सिंह, दीपेंद्र हुड्डा और मेवा सिंह ने किया जनसंवाद

लाडवा (कुरुक्षेत्र), 3 नवंबर 2026। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ महारैली के बाद हरियाणा प्रदेश कांग्रेस ने मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र लाडवा स्थित उनके पैतृक गांव मंगोली जठेर से प्रदेशव्यापी चौपाल अभियान के तीसरे चरण का शुभारंभ किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का संदेश अब हरियाणा के गांव-गांव और प्रत्येक मतदान केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, सांसद एवं कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य दीपेंद्र हुड्डा तथा कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं लाडवा के पूर्व विधायक चौधरी मेवा सिंह ने जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक रामकरण काला, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता, पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

प्रदेशभर में यह अभियान 3 से 25 नवंबर तक चलेगा। इसके अंतर्गत चौपालों के माध्यम से नागरिकों को मताधिकार के प्रति जागरूक किया जाएगा। मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं, पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की शिकायतों तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता से जुड़े सवालों को जनता के बीच रखा जाएगा।

निर्वाचन आयोग से जवाबदेही मांगना अराजकता नहीं : संजय दत्त

हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र और पैतृक गांव से अभियान की शुरुआत एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है। उन्होंने कहा कि मंगोली जठेर की चौपाल से उठी आवाज को पूरे प्रदेश में लोकतंत्र की रक्षा के जनसंकल्प में बदला जाएगा।

संजय दत्त ने रामलीला मैदान की महारैली को जनता की एकजुटता का प्रतीक बताते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी लोकतंत्र तथा संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठा रही है।

उन्होंने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके माध्यम से चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े प्रश्नों से ध्यान हटाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग से सवाल पूछना अराजकता नहीं है। मतदाता सूचियों में पारदर्शिता की मांग करना और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध करना भी अराजकता नहीं है। प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग लोकतंत्र की मूल भावना है।”

नियुक्ति समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटाने का कारण बताए सरकार

संजय दत्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव तथा उनके आधिकारिक कृत्यों से संबंधित कानूनी संरक्षण पर जवाब मांगा।

उन्होंने कहा कि मार्च 2023 में सर्वोच्च न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने संसद द्वारा कानून बनाए जाने तक निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश की सदस्यता वाली चयन समिति की व्यवस्था की थी। उनके अनुसार, दिसंबर 2023 में पारित कानून में मुख्य न्यायाधीश के स्थान पर प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक सदस्य को शामिल किया गया, जिससे तीन सदस्यीय समिति में सरकार के दो प्रतिनिधि हो गए।

दत्त ने सवाल किया, “निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया से भारत के मुख्य न्यायाधीश को बाहर रखने की आवश्यकता क्यों पड़ी? सरकार को इस प्रक्रिया में न्यायपालिका की भागीदारी से क्या आपत्ति थी?”

उन्होंने आरोप लगाया कि इस बदलाव से नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार का प्रभाव बढ़ा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार को इन सवालों का स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

आधिकारिक कृत्यों के कानूनी संरक्षण पर भी उठाए प्रश्न

संजय दत्त ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्तों एवं कार्यकाल से संबंधित अधिनियम, 2023 की धारा 16 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें वर्तमान अथवा पूर्व निर्वाचन आयुक्तों के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन या उनके निर्वहन का दावा करते हुए किए गए कार्यों और निर्णयों के संबंध में दीवानी अथवा आपराधिक कार्यवाही से संरक्षण का प्रावधान है।

उन्होंने सवाल उठाया कि पद छोड़ने के बाद भी आधिकारिक कृत्यों के लिए ऐसा संरक्षण देने का औचित्य क्या है और इससे जवाबदेही पर क्या प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था के पदाधिकारियों की जवाबदेही को लेकर जनता की चिंताओं का समाधान होना चाहिए।

दत्त ने आरोप लगाया कि नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार का प्रभाव बढ़ाने और आधिकारिक कृत्यों के लिए कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों से निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता तथा जवाबदेही को लेकर प्रश्न पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन सवालों को इसलिए उठा रही है क्योंकि चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास सर्वोपरि है।

उन्होंने पूछा कि क्या नागरिकों को कथित वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करने का अधिकार नहीं है।

मतदाता सूचियों की स्वतंत्र जांच और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने की मांग

संजय दत्त ने कहा कि राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 के संदर्भ में मतदाता सूचियों और कथित वोट चोरी को लेकर जो सवाल उठाए हैं, उनका भाजपा तथा निर्वाचन आयोग को तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने इन आरोपों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस की मांग है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच हो और प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर पार्टी की ओर से उठाए गए सवालों का उल्लेख करते हुए जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

हर कार्यकर्ता ‘वोट रक्षक’ की भूमिका निभाए

संजय दत्त ने कहा कि चौपाल अभियान केवल भाषणों और सभाओं तक सीमित नहीं रहेगा। कांग्रेस कार्यकर्ता मतदान केंद्र स्तर पर मतदाता सूचियों की जांच करेंगे। पार्टी के मतदान केंद्र स्तरीय अभिकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा, नागरिकों की शिकायतें सुनी जाएंगी और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराने के लिए नियमानुसार सहयोग दिया जाएगा।

उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से रामलीला मैदान में प्रदर्शित एकजुटता तथा उत्साह को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ता स्वयं को ‘वोट रक्षक’ मानकर जिम्मेदारी निभाए। हमारा संकल्प है कि किसी पात्र मतदाता का नाम अनुचित ढंग से न कटे और किसी के मताधिकार के साथ खिलवाड़ न हो।”

हर पात्र मतदाता के अधिकार की रक्षा हमारी प्राथमिकता : राव नरेंद्र सिंह

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि रामलीला मैदान की महारैली के तुरंत बाद चौपाल अभियान शुरू करके पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका संघर्ष बड़ी सभाओं तक सीमित नहीं रहेगा। इसे हरियाणा के प्रत्येक गांव, खंड और मतदान केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा मतों की ताकत से सत्ता में आई है, लेकिन आज चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकार की रक्षा कांग्रेस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राव नरेंद्र सिंह ने बताया कि अभियान के लिए जिला एवं खंड कांग्रेस अध्यक्षों, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों, अग्रिम संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। जिला स्तर पर नियुक्त प्रभारी और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पर्यवेक्षक समन्वय के साथ चौपालों के आयोजन तथा अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करेंगे।

उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सरकार की नीतियों का विरोध करने के साथ जनता को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और संगठन को मतदान केंद्र स्तर तक मजबूत बनाना है। प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में होना चाहिए और हर नागरिक को बिना भय, दबाव या भेदभाव के मतदान का अवसर मिलना चाहिए।”

प्रदेश अध्यक्ष ने चौपालों में किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभियान को वास्तविक जनसंवाद का माध्यम बनाया जाएगा, जिसमें नागरिक अपनी शिकायतें और सुझाव रख सकें।

उन्होंने पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से अनुशासन, एकजुटता और सक्रियता के साथ अभियान में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि जनता के सवालों को आवाज देना और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता एवं जवाबदेही की मांग करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।

जनादेश से जुड़े सवालों का जवाब तथ्यों से देना होगा : दीपेंद्र हुड्डा

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा की जनता ने विधानसभा चुनाव 2024 में अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, लेकिन चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों ने गंभीर चिंताएं पैदा की हैं।

उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में चुनाव केवल सरकार बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और जनादेश की अभिव्यक्ति हैं। मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठना किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, पूरी चुनावी व्यवस्था में जनता के भरोसे का विषय है।”

हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस हरियाणा के प्रत्येक मतदाता के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने मतदाता सूचियों से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच और चुनावी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की।

उन्होंने कहा कि कथित वोट चोरी तथा चुनावी अनियमितताओं से जुड़े सवालों का जवाब राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों और निष्पक्ष जांच से दिया जाना चाहिए। हरियाणा के जनादेश और मताधिकार से जुड़े प्रश्नों को अनुत्तरित नहीं छोड़ा जा सकता।

कुरुक्षेत्र के प्रत्येक गांव तक पहुंचेगा अभियान : मेवा सिंह

कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं लाडवा के पूर्व विधायक चौधरी मेवा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के पैतृक गांव मंगोली जठेर से प्रदेशव्यापी अभियान का शुभारंभ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि लाडवा की जनता लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के अभियान में सक्रिय भागीदारी करेगी।

उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र जिले के प्रत्येक गांव और मतदान केंद्र तक अभियान पहुंचाया जाएगा। जिला एवं खंड कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता घर-घर जाकर नागरिकों को मताधिकार के महत्व से अवगत कराएंगे और मतदाता सूचियों से संबंधित समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे।

मेवा सिंह ने कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों से चौपालों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।

चौपाल अभियान में ये होंगे प्रमुख कार्यक्रम
  1. मतदाता सूचियों की जांच: मतदान केंद्र स्तर पर पार्टी के अभिकर्ता और कार्यकर्ता सूचियों की जांच करेंगे तथा पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के लिए नियमानुसार सहयोग देंगे।
  2. ‘वोट रक्षक’ दलों का गठन: प्रत्येक मतदान केंद्र पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी, ताकि मतदाताओं की शिकायतों पर नियमित रूप से काम हो सके।
  3. शिकायतों और दस्तावेजों का संकलन: जिन नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं या दर्ज नहीं हैं, उनकी शिकायतें एवं संबंधित दस्तावेज एकत्र कर आवश्यक सहायता दी जाएगी।
  4. संवैधानिक जागरूकता: संविधान के अनुच्छेद 326 और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के महत्व पर चर्चा के माध्यम से नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
  5. जनसंवाद और जनभागीदारी: गांवों में चौपाल लगाकर किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों तथा अन्य वर्गों से सीधा संवाद किया जाएगा।
  6. नियमित समीक्षा और जवाबदेही: जिला, खंड एवं मतदान केंद्र स्तर पर अभियान की प्रगति की समीक्षा होगी और पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों, जिला एवं खंड कांग्रेस कमेटियों, अग्रिम संगठनों, विभागों, प्रकोष्ठों और कार्यकर्ताओं से अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा व्यापक जनहित का विषय है। मंगोली जठेर से शुरू हुआ यह अभियान हरियाणा की प्रत्येक चौपाल तक पहुंचेगा।

कांग्रेस नेताओं ने संकल्प दोहराया कि प्रत्येक पात्र मतदाता का मताधिकार सुरक्षित रहे और चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत हो।

“वोट जनता का अधिकार है, भाजपा की जागीर नहीं!”

“वोट बचेगा, लोकतंत्र बचेगा; लोकतंत्र बचेगा, देश बचेगा!”

“वोट बचाओ–देश बचाओ!”

जय हिंद! जय हरियाणा! जय कांग्रेस!

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Author: Bharat Sarathi

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