पटाखों से परहेज और बिजली की बचत की अपील, दीपों व आपसी सद्भाव से खुशियां बांटने का आह्वान

गुरुग्राम, 3 नवंबर। ऊर्जा समिति ने दीपावली पर नागरिकों से पटाखों से मुक्त, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल उत्सव मनाने की अपील की है। समिति के महासचिव संजय कुमार चुघ ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परंपराओं का सम्मान करने के साथ पर्यावरण संरक्षण और बिजली की बचत को भी त्योहार का हिस्सा बनाना चाहिए।
चुघ ने कहा कि दीपावली खुशियों, प्रेम, उल्लास और भाईचारे का पर्व है। पटाखे चलाना उत्सव का अनिवार्य हिस्सा नहीं है। मिठाइयों, उपहारों, रंगोली और दीपों के माध्यम से भी खुशियां मनाई जा सकती हैं। दूसरों के जीवन में खुशियां बांटकर और शांति एवं सौहार्द का वातावरण बनाकर त्योहार को अधिक सार्थक बनाया जा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से घरों और प्रतिष्ठानों की सजावट में अधिक बिजली खपत वाले बल्बों के बजाय कम बिजली में पर्याप्त रोशनी देने वाले प्रकाश उपकरण अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुरूप रोशनी करें और अनावश्यक सजावटी बत्तियां बंद रखें। इससे बिजली की बचत के साथ घरेलू खर्च भी कम होगा।
चुघ ने कहा कि त्योहारों पर बिजली की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है।” बिजली का समझदारी से उपयोग करके नागरिक मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने तथा राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
पटाखों के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे निकलने वाला धुआं और तेज धमाके वायु एवं ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं। उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों, सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित लोगों और पशु-पक्षियों का ध्यान रखते हुए आतिशबाजी से परहेज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और शांत वातावरण के लिए सामूहिक जागरूकता तथा जनसहयोग आवश्यक है।
दीपों से रोशन करें घर-आंगन, खुशियों से भरें हर जीवन
चुघ ने कहा कि आतिशबाजी और दिखावे पर होने वाले अनावश्यक खर्च को बचाकर धन का सदुपयोग किया जा सकता है। दीपों की रोशनी, प्रेम, सद्भावना और आपसी सहयोग से मनाई गई दीपावली पूरे समाज के लिए यादगार बन सकती है।
उन्होंने नागरिकों से दीपावली तक अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने और स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर सभी संकल्प लें कि पटाखों से परहेज करेंगे, अनावश्यक बिजली खर्च नहीं करेंगे और स्वच्छता बनाए रखेंगे।









