निगम कार्यालय पर प्रदर्शन, 16 सितंबर को आयुक्त के साथ होगी यूनियन की बैठक

गुरुग्राम, 10 सितंबर। रोजगार उजाड़ने और रेहड़ी-पटरी पर बुलडोजर कार्रवाई किए जाने के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में पथ विक्रेताओं ने शहर में जुलूस निकालकर नगर निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मनमानी कार्रवाई बंद करने, मौजूदा वेंडिंग जोन सुरक्षित रखने और स्ट्रीट वेंडर अधिनियम-2014 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन को सीटू के प्रदेश महासचिव जयभगवान, रेहड़ी-पटरी मजदूर यूनियन गुरुग्राम के प्रधान अशोक सिंह, महासचिव चूरामन, कोषाध्यक्ष बलराम, संगठन सचिव रोहताश, वरिष्ठ उपप्रधान चंद्रकला, उपप्रधान योगेश तथा जनवादी महिला समिति की प्रदेश महासचिव ऊषा सरोहा ने संबोधित किया।
रोजगार नहीं दे सकते तो उजाड़ने का हक भी नहीं

श्रमिक नेताओं ने कहा कि जो सरकार लोगों को रोजगार उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे स्वरोजगार से परिवार पाल रहे लोगों की आजीविका उजाड़ने का भी अधिकार नहीं है। उनका आरोप है कि शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। बुलडोजर चलाकर उनकी रेहड़ियां और सामान नष्ट किए जाने से हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने दावा किया कि प्रशासन के सर्वेक्षण के अनुसार गुरुग्राम में करीब 40 हजार स्ट्रीट वेंडर हैं। अनेक विक्रेताओं ने पंजीकरण भी कराया हुआ है और शहर में वेंडिंग जोन बनाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें हटाया जा रहा है।
तीन साल से नहीं हुई टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक

यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्ट्रीट वेंडर अधिनियम के तहत गठित टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक पिछले तीन वर्षों से नहीं बुलाई गई, जबकि यह बैठक प्रत्येक तीन महीने में होनी चाहिए। नगर निगम आयुक्त इस कमेटी के अध्यक्ष हैं। नेताओं ने इसे कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए तत्काल बैठक बुलाने की मांग की।
प्रदर्शन को पंकज, क्रांति तिवारी, संजीव, मुकेश, राकेश और सीटू के जिला प्रधान सुरेश नोहरा सहित अन्य श्रमिक नेताओं ने भी संबोधित किया।
संयुक्त आयुक्त ने लिया ज्ञापन

प्रदर्शन के बाद नगर निगम के संयुक्त आयुक्त ने यूनियन प्रतिनिधियों से मांगपत्र लिया। यूनियन के अनुसार अब 16 सितंबर को दोपहर 12 बजे नगर निगम आयुक्त के साथ बैठक निर्धारित की गई है, जिसमें पथ विक्रेताओं की मांगों पर बातचीत होगी।
ये हैं प्रमुख मांगें
- पथ विक्रेताओं के विरुद्ध अनावश्यक और मनमानी कार्रवाई रोकी जाए।
- वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना मौजूदा वेंडिंग जोन समाप्त न हों।
- शहर में नए वेंडिंग जोन विकसित किए जाएं।
- टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक तत्काल बुलाई जाए।
- लंबित विक्रय प्रमाणपत्र (सीओवी) और नवीनीकरण मामलों का समयबद्ध निपटारा हो।
- सीओवी प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों और कथित अनियमितताओं की जांच कराई जाए।
- जीएमडीए और एचएसवीपी सहित सभी विभागों को कानून तथा कमेटी के निर्णयों के अनुरूप कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थियों सहित पात्र पथ विक्रेताओं की आजीविका सुरक्षित की जाए।
- स्ट्रीट वेंडर अधिनियम-2014 को पूरी तरह लागू किया जाए।









