सफाई कर्मियों से 13 मई को हुआ समझौता लागू कर गजट अधिसूचना जारी करे सरकार
रेवाड़ी, 11 सितम्बर। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के असंवेदनशील रवैये के कारण पिछले एक महीने से पूरा हरियाणा गंदगी और बदबू की मार झेल रहा है। सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं।
विद्रोही ने दावा किया कि प्रदेश के शहरों में 20 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा सड़कों पर पड़ा है। गंदगी के कारण मक्खी-मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है तथा लोग वायरल बुखार, मलेरिया और पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की वास्तविकता पर भी सवाल खड़े करती है।
दमन से नहीं, बातचीत से निकलेगा समाधान
विद्रोही ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सफाई कर्मियों से बातचीत कर हड़ताल का समाधान निकालने के बजाय दमन का रास्ता अपना रहे हैं। कर्मचारियों को नौकरी से निकालने, निलंबित करने, नोटिस देने और गिरफ्तार करवाने जैसी कार्रवाइयां की जा रही हैं। समाज को स्वच्छ रखने के लिए दिन-रात काम करने वाले कर्मचारियों के प्रति सरकार का ऐसा व्यवहार अमानवीय और निंदनीय है।
उन्होंने सवाल किया कि पिछले छह-सात वर्षों से सफाई कर्मियों को बातचीत और आश्वासनों के नाम पर क्यों टरकाया जा रहा है? सरकार तथा कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच 13 मई 2026 को हुए समझौते को चार महीने बाद भी लागू क्यों नहीं किया गया?
गजट अधिसूचना जारी करने की मांग
विद्रोही ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से आग्रह किया कि सरकार टालमटोल की रणनीति छोड़कर सफाई कर्मियों के साथ हुए समझौते को लागू करे और उनकी मांगों के संबंध में तत्काल गजट अधिसूचना जारी करे। इससे सरकार और कर्मचारियों के बीच बढ़ी अविश्वास की खाई समाप्त होगी तथा प्रदेशवासियों को गंदगी और बदबू से राहत मिल सकेगी।








