बारिश में डूबा विकास मॉडल, कचरे और सीवर की समस्याओं से त्रस्त जनता : कुमारी सैलजा

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कहा-दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से मिलेनियम सिटी गुरुग्राम तक जलभराव ने खोली सरकारी दावों की पोल

सफाई कर्मचारियों की मांगों का बातचीत से समाधान करे सरकार, कथित दमन की हो निष्पक्ष जांच

चंडीगढ़, 5 सितंबर। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार का तथाकथित विकास मॉडल बारिश के पानी में तैरता दिखाई दे रहा है। देश की राजधानी नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लेकर मिलेनियम सिटी गुरुग्राम और हरियाणा के विभिन्न शहरों तक मामूली बारिश के बाद होने वाला जलभराव सरकारी दावों की वास्तविकता उजागर कर रहा है। शहरों में सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं, सीवर व्यवस्था ठप है और लोगों को स्वच्छ पेयजल तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा।

कुमारी सैलजा ने कहा कि करोड़ों रुपये प्रचार और विज्ञापनों पर खर्च करके विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश होते ही अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तालाब जैसा दिखाई देने लगता है। यात्रियों को पानी के बीच से गुजरना पड़ता है और उड़ानें प्रभावित होती हैं। सरकार बताए कि यह कैसा विकास मॉडल है, जिसमें राजधानी की सड़कें ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी जलभराव से सुरक्षित नहीं है।

सांसद ने कहा कि वैश्विक शहर और मिलेनियम सिटी कहे जाने वाले गुरुग्राम में मामूली बारिश के बाद प्रमुख सड़कें पानी में डूब जाती हैं। लंबे जाम लगते हैं, वाहन बंद हो जाते हैं और लोगों को घंटों परेशानी उठानी पड़ती है। यही हाल फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, हिसार, सिरसा, अंबाला, यमुनानगर सहित प्रदेश के अन्य शहरों का है। कहीं सीवर का गंदा पानी गलियों में जमा है तो कहीं कचरे के ढेर बीमारियों को न्योता दे रहे हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा के सफाई कर्मचारी करीब एक महीने से आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का सम्मानजनक समाधान तलाशने के बजाय टकराव का रास्ता अपना रही है। कर्मचारियों की मांगें सुनने और बातचीत से सहमति बनाने के स्थान पर उनके खिलाफ कथित बल प्रयोग, हिरासत तथा दमनात्मक कार्रवाई की शिकायतें सामने आना गंभीर विषय है। कांग्रेस किसी भी प्रकार की हिंसा या आमजन को असुविधा पहुंचाने का समर्थन नहीं करती, लेकिन सरकार भी कर्मचारियों की आवाज दबाकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।

सांसद ने मांग की कि प्रदेश सरकार सफाई कर्मचारी संगठनों के साथ तत्काल सार्थक वार्ता करे, उनकी न्यायोचित मांगों पर समयबद्ध निर्णय ले और कर्मचारियों के खिलाफ कथित अत्याचारों की निष्पक्ष जांच करवाए। आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों की मानवीय एवं कानूनी आधार पर समीक्षा की जाए। सरकार का काम केवल विज्ञापन जारी करना नहीं, बल्कि नागरिकों को साफ-सफाई, सुचारु सीवर व्यवस्था, बेहतर सड़कें और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

राज्यसभा में आश्वासन के बाद भी 24 दिन तक कार्रवाई क्यों नहीं : सैलजा

कुमारी सैलजा ने कहा कि यह दुखद है कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष को सदन के भीतर यह मामला उठाना पड़ा। जिस घटना में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए थी, उसमें 24 दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सदन में मुद्दा उठने पर सभापति और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की ओर से भी आश्वासन दिया गया था। सरकार बताए कि इसके बाद क्या कार्रवाई हुई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कदम उठाने में देरी का कारण क्या है।

सांसद ने कहा कि इसके विपरीत जब राहुल गांधी ने उत्तराखंड के नौजवानों, विद्यार्थियों और सामाजिक सम्मान से जुड़े मुद्दे उठाए तो भाजपा सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई करने में जल्दबाजी दिखाई। इससे प्रतीत होता है कि वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाकर समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तराखंड के लोग ऐसी राजनीति से गुमराह नहीं होंगे। राहुल गांधी की सफल रैली को मिले जनसमर्थन से भाजपा सरकार घबराई हुई है और जनता आने वाले समय में इसका लोकतांत्रिक जवाब देगी।

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Author: Bharat Sarathi

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