निर्धारित संख्या में वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और सफाई कर्मचारियों की तैनाती नहीं करने पर नगर निगम ने जारी किए जुर्माना नोटिस, मासिक बिल से होगी राशि की कटौती
गुरुग्राम, 11 अगस्त। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण कार्य में एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। जोन-5 में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं सफाई कार्य के लिए तैनात एजेंसी केएस मल्टीफेस्लिटी सर्विसेज द्वारा निर्धारित संख्या में वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं सफाई कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं किए जाने पर नगर निगम ने पेनल्टी नोटिस जारी किया है। उपलब्ध दोनों नोटिसों के अनुसार एजेंसी पर कुल 12,00,466 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है।
निर्धारित 76 डोर-टू-डोर वाहनों में बड़ी कमी मिली
संयुक्त आयुक्त-5 कार्यालय द्वारा जारी नोटिस के अनुसार एजेंसी को जोन-5 में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए 76 वाहन प्रतिदिन उपलब्ध कराने का प्रावधान था। निगम के सहायक सफाई निरीक्षकों द्वारा 25 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक वाहनों की दैनिक उपलब्धता का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई दिनों में निर्धारित संख्या की तुलना में काफी कम वाहन मौके पर उपलब्ध पाए गए। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार निर्धारित 76 वाहनों के मुकाबले संबंधित अवधि में कुल 691 वाहन प्रतिदिन की कमी पाई गई। नोटिस में इसके लिए 9,95,040 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली और सफाई कर्मचारियों की कमी पर भी कार्रवाई
इसी एजेंसी के खिलाफ जारी दूसरे नोटिस में ट्रैक्टर-ट्रॉली और कर्मचारियों की निर्धारित उपलब्धता सुनिश्चित नहीं करने का मामला सामने आया है। जोन-5 में सफाई कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रत्येक संबंधित वार्ड में निर्धारित संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं सफाई कर्मचारियों की तैनाती की जानी थी।
नगर निगम द्वारा 1 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक किए गए निरीक्षण में निर्धारित संसाधनों की तुलना में कमी पाई गई। इस अवधि में कुल 26 ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा 286 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। अनुपस्थित ट्रैक्टर-ट्रॉली के लिए 65,000 रुपये तथा अनुपस्थित कर्मचारियों के लिए 1,40,426 रुपये की पेनल्टी निर्धारित की गई है। इस प्रकार इस नोटिस के तहत कुल 2,05,426 रुपये की राशि बनती है।
नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त आयुक्त डॉ जयवीर यादव ने स्पष्ट किया कि सफाई कार्य से जुड़ी एजेंसियों को अपने कार्यादेश की शर्तों के अनुसार निर्धारित संख्या में वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली और मैनपावर उपलब्ध कराना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी की जवाबदेही तय की जाएगी और अनुबंध में निर्धारित पेनल्टी लागू की जाएगी।








