: प्रदेश प्रभारी का दायित्व पूरा होने पर राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सतीश पूनिया ने हरियाणा की करीब तीन करोड़ जनता और भाजपा के लाखों कार्यकर्ताओं के प्रति जताया आभार
: कहा—हरियाणा ने मुझे केवल राजनीतिक दायित्व नहीं दिया, यहां के लोगों ने मुझे अपने परिवार का सदस्य बनाकर जो प्यार दिया, उसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं
: 2024 में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनने को बताया कार्यकर्ताओं के परिश्रम और हरियाणा की जनता के विश्वास का परिणाम
: पंजाब के नए दायित्व में साथ लेकर जाऊंगा हरियाणा से मिली सीख, स्नेह और कुरुक्षेत्र की पावन गीता का संदेश

चंडीगढ़, 25 सितंबर। भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री राज्यसभा सांसद, पंजाब- जम्मू कश्मीर के प्रभारी एवं भाजपा के निवर्तमान हरियाणा प्रदेश प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने प्रदेश प्रभारी के रूप में अपना दायित्व पूर्ण होने पर हरियाणा की करीब तीन करोड़ जनता और भारतीय जनता पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं के प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि हरियाणा उनके लिए केवल एक राजनीतिक कार्यक्षेत्र नहीं रहा, बल्कि यहां की मिट्टी, यहां के लोगों का अपनापन और कार्यकर्ताओं का स्नेह अब उनके जीवन की अमूल्य पूंजी बन चुका है।
डॉ. सतीश पूनिया ने कहा, “मैं हरियाणा में प्रभारी बनकर आया था, लेकिन यहां से एक आत्मीय रिश्ता लेकर जा रहा हूं। हरियाणा की जनता ने मुझे जितना सम्मान, विश्वास और प्रेम दिया, उसका विवरण शब्दों में कर पाना मेरे लिए संभव नहीं है। हरियाणा का एक-एक कार्यकर्ता और यहां के लोगों का अपनापन हमेशा मेरे दिल में रहेगा। मैं इस ऋण को जीवन भर नहीं भूल सकता।”
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान हरियाणा में चुनाव प्रभारी के रूप में काम करने का अवसर मिला और उसके बाद संगठन ने प्रदेश प्रभारी का दायित्व सौंपा। इस अवधि में प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों से लेकर बूथ स्तर तक जाने तथा समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों से संवाद करने का अवसर मिला। हरियाणा के लोगों की साफगोई, मेहनत, जीवटता, देशभक्ति और अतिथि के प्रति आत्मीयता ने उन्हें हमेशा प्रभावित किया।
डॉ. पूनिया ने कहा कि वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में हरियाणा की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा की सरकार बनाने का जनादेश दिया। उन्होंने कहा, “उस समय हरियाणा के लाखों कार्यकर्ताओं ने दिन-रात परिश्रम किया। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है और प्रदेश की जनता ने जो विश्वास व्यक्त किया, उसके लिए मैं प्रत्येक हरियाणावासी के प्रति विनम्रतापूर्वक आभार प्रकट करता हूं। उस जनविश्वास और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का साक्षी बनना मेरे सार्वजनिक जीवन की महत्वपूर्ण स्मृतियों में हमेशा रहेगा।”
उन्होंने पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ता से लेकर मंडल, जिला और प्रदेश संगठन, जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों तथा वरिष्ठ नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठनात्मक दायित्व सामूहिकता से ही सफल होते हैं। हरियाणा में उन्हें हर स्तर पर सहयोग मिला और अनेक अवसरों पर कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक जिम्मेदारी से आगे बढ़कर परिवार के सदस्य की तरह उनका साथ दिया।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के साथ उनका संबंध केवल राजनीतिक नहीं है। राजस्थान और हरियाणा की सीमाओं, लोकजीवन, खानपान, बोली, सामाजिक परंपराओं और रिश्तों में स्वाभाविक निकटता है। इसी कारण हरियाणा उन्हें शुरुआत से ही परिचित और अपना लगता रहा, लेकिन यहां काम करने के दौरान यह परिचय गहरे भावनात्मक रिश्ते में बदल गया।
पंजाब के नए संगठनात्मक दायित्व का उल्लेख करते हुए डॉ. पूनिया ने कहा कि पंजाब और हरियाणा केवल दो पड़ोसी प्रदेश नहीं हैं। दोनों प्रदेशों का इतिहास, संस्कृति, कृषि परंपरा, सामाजिक रिश्ते और देश की रक्षा में योगदान उन्हें गहराई से जोड़ते हैं। दोनों राज्यों के परिवारों के बीच पीढ़ियों पुराने रिश्ते हैं और सुख-दुख की साझी परंपरा रही है। हरियाणा में मिले अनुभव, यहां के लोगों का स्नेह और कार्यकर्ताओं से मिली संगठनात्मक सीख पंजाब के दायित्व में भी उनके साथ रहेगी।
उन्होंने कहा, “कुरुक्षेत्र की पावन भूमि से मिला श्रीमद्भगवद्गीता का कर्मयोग का संदेश भी मैं अपने अगले दायित्व में साथ लेकर जा रहा हूं। संगठन में स्थान और जिम्मेदारियां बदलती रहती हैं, लेकिन संबंध नहीं बदलते। हरियाणा मेरे लिए कोई बीता हुआ अध्याय नहीं है। यहां के लोगों का स्नेह मेरे साथ रहेगा और जब भी हरियाणा आने का अवसर मिलेगा, मुझे यही अनुभव होगा कि मैं अपने ही लोगों के बीच आया हूं।”
डॉ. पूनिया ने कहा कि अपने कार्यकाल में उनका प्रयास रहा कि संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को सम्मान मिले, संवाद बना रहे और सबको साथ लेकर संगठन के हित में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और संगठनात्मक जीवन में कार्य करते हुए यदि अनजाने में किसी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंची हो तो वे विनम्रतापूर्वक क्षमा चाहते हैं।
अंत में उन्होंने कहा, “हरियाणा ने मुझे अवसर दिया, बहुत कुछ सिखाया और उससे कहीं अधिक प्रेम दिया। मैं हरियाणा की तीन करोड़ जनता—माताओं-बहनों, बुजुर्गों, युवाओं, किसानों, जवानों—और अपने लाखों कार्यकर्ता साथियों के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। आपने मुझे जो अपनापन दिया है, वह मेरे लिए किसी पद या दायित्व से कहीं बड़ा है। आपके द्वारा दिया गया प्यार मेरे लिए विवरण से भी परे है। हरियाणा हमेशा मेरे दिल में था, है और रहेगा।”








