सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर एमसीजी सख्त, दो एजेंसियों पर 31.45 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना

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एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर वाहन-मैनपावर पंजीकरण, जीपीएस, उपस्थिति और निर्धारित संख्या में वाहनों की तैनाती में लापरवाही पर कार्रवाई, ब्लैकलिस्टिंग प्रक्रिया भी हुई शुरू

गुरुग्राम, 10 अगस्त। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने और ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को रोकने के लिए एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) पोर्टल पर आवश्यक जानकारी अपलोड नहीं करने, निर्धारित संख्या में वाहन एवं मैनपावर तैनात नहीं करने, जीपीएस व्यवस्था पूरी नहीं करने तथा कर्मचारियों की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं करने के मामलों में कार्रवाई करते हुए दो एजेंसियों पर कुल 31,45,360 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही दोनों एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर निगरानी को बनाया गया अनिवार्य

नगर निगम द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों की निगरानी के लिए एसडब्ल्यूएम मॉनिटरिंग पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। एजेंसियों के लिए वाहनों एवं मैनपावर का पोर्टल पर पंजीकरण, संबंधित क्षेत्र/रूट असाइन करना, जीपीएस आधारित निगरानी, नियमित उपस्थिति दर्ज करना तथा वाहनों के दैनिक ट्रिप अपलोड करना आवश्यक है। निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने वाली एजेंसियों के खिलाफ अनुबंध एवं आरएफपी की शर्तों के अनुसार आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

ट्रैक्टर-ट्रॉली पंजीकरण नहीं कराने पर 9.40 लाख रुपये का जुर्माना

जोन-6 में सैनिटेशन कार्य के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराने वाली एजेंसी केएस मल्टीफेसलिटी सर्विसेज लिमिटेड को जोन-6 में 10 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां, प्रत्येक के साथ चालक एवं 7 हेल्पर तैनात किए जाने थे। एजेंसी ने निर्धारित ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर अपलोड/पंजीकृत नहीं किया। आरएफपी की पेनल्टी क्लॉज 9.1 (17) के तहत प्रति वाहन प्रतिदिन 2,000 रुपये की दर से जून एवं जुलाई 2026 की अवधि के लिए 9,40,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। संबंधित एजेंसी को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय भी दिया गया है। जारी नोटिस के अनुसार 15 जून से 31 जुलाई 2026 तक प्रत्येक दिन 10 वाहनों को पोर्टल पर पंजीकृत नहीं पाया गया और प्रत्येक दिन 20,000 रुपये की दर से दंड लगाया गया।

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एजेंसी पर 22.05 लाख रुपये के जुर्माने की कार्रवाई

वहीं, जोन-6 में डोर-टू-डोर म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट कलेक्शन के लिए एजेंसी द क्लासिक मैनपावर एंड कंस्ट्रक्शन सर्विसेज के खिलाफ भी जुलाई 2026 में आरएफपी की शर्तों का अनुपालन नहीं करने पर कार्रवाई की गई है। कार्यादेश के तहत एजेंसी को 53 वाहन, 53 चालक/हेल्पर तथा 3 सुपरवाइजर तैनात करने थे। इसके साथ ही वाहनों और मैनपावर का एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर पंजीकरण, रूट/एरिया असाइनमेंट, सभी वाहनों में जीपीएस, जीपीएस क्रेडेंशियल उपलब्ध कराना, नियमित मैनपावर उपस्थिति दर्ज करना और वाहनों के दैनिक ट्रिप पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य था। नगर निगम द्वारा जारी नोटिस के अनुसार एजेंसी द्वारा आवश्यक संख्या में वाहन एवं मैनपावर फील्ड में तैनात नहीं किए गए, मैनपावर का एसडब्ल्यूएम पोर्टल पर पंजीकरण एवं एरिया असाइनमेंट नहीं किया गया, सभी वाहनों में जीपीएस स्थापित नहीं किया गया तथा मैनपावर की उपस्थिति भी पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई।

वाहनों की कमी और उपस्थिति दर्ज नहीं करने पर जुर्माना

एजेंसी द्वारा जुलाई माह में निर्धारित 53 वाहनों की तुलना में विभिन्न दिनों में कम संख्या में वाहनों के संचालन पाया गया। नोटिस के अनुसार वाहन संचालन एवं भौतिक सत्यापन, एसडब्ल्यूएम पोर्टल पंजीकरण तथा निर्धारित क्षेत्र के अनुसार वाहन संचालन की भी निगरानी की गई। वाहनों की निर्धारित संख्या से कम तैनाती के लिए कुल 20,49,641 रुपये की पेनल्टी दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त मैनपावर की उपस्थिति पोर्टल पर अपलोड नहीं करने के लिए 1,55,719 रुपये का जुर्माना लगाया गया। दोनों को मिलाकर एजेंसी पर कुल 22,05,360 रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। यहां विशेष बात यह है कि टेंडर के अनुसार एजेंसी का एक माह का बिल 21 लाख रुपए है, जबकि उस पर 22 लाख रुपए का जुर्माना एक माह में ही लगाया जा चुका है।

एमसीजी का स्पष्ट संदेश—काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त डॉ प्रीतपाल सिंह ने स्पष्ट किया कि शहर की सफाई व्यवस्था में लगे सभी सेवा प्रदाताओं और एजेंसियों को अपने कार्यादेश एवं आरएफपी की शर्तों का पूरी तरह पालन करना होगा। वाहनों की तैनाती से लेकर जीपीएस, एसडब्ल्यूएम पोर्टल, मैनपावर उपस्थिति और रूट/एरिया असाइनमेंट तक प्रत्येक स्तर पर डिजिटल मॉनिटरिंग को प्रभावी बनाया जा रहा है।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार एमसीजी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सफाई कार्य के लिए उपलब्ध संसाधन वास्तव में मैदान में तैनात होकर निर्धारित क्षेत्र में नियमित रूप से काम करें और उनकी निगरानी पारदर्शी डिजिटल प्रणाली के माध्यम से हो। सफाई व्यवस्था में जवाबदेही, डिजिटल मॉनिटरिंग और प्रभावी प्रवर्तन, बेहतर एवं स्वच्छ गुरुग्राम की दिशा में एमसीजी की प्राथमिकता।

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Author: Bharat Sarathi

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