अवैध भूमि उपयोग और अनाधिकृत निर्माण पर एमसीजी सख्त, सार्वजनिक नोटिस जारी

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना में नगर निगम ने अपनाया सख्त रुख, अवैध निर्माण, भूमि-उपयोग परिवर्तन और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी

गुरुग्राम, 9 अगस्त। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर के सुनियोजित विकास, सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अवैध भूमि-उपयोग परिवर्तन, अनाधिकृत निर्माण, स्वीकृत भवन योजनाओं के उल्लंघन तथा सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया है। इस संबंध में नगर निगम ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर संबंधित प्लॉट मालिकों, भवन मालिकों एवं अन्य संबंधित पक्षों को नियमों का पालन करने और अनियमितताओं को दूर करने के निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में कार्रवाई

नगर निगम द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार यह कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा लोकनाथन बनाम तमिलनाडु मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। नोटिस में वैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन, अनाधिकृत निर्माण, भूमि उपयोग में परिवर्तन और अन्य उल्लंघनों के खिलाफ प्रभावी एवं तत्काल कार्रवाई पर जोर दिया गया है।

बिना अनुमति भूमि-उपयोग परिवर्तन और निर्माण पर रोक

एमसीजी ने स्पष्ट किया है कि निगम क्षेत्र में स्थित किसी भी भूमि, प्लॉट या भवन का उपयोग सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना निर्धारित उपयोग से अलग उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकता। इसी प्रकार, सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना किसी भवन का निर्माण अथवा पुनर्निर्माण भी नहीं किया जा सकता।
नगर निगम ने संबंधित पक्षों को हरियाणा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट, 1994 और हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट के बिना भवन का उपयोग भी नहीं

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि किसी भवन या उसके हिस्से का उपयोग तब तक नहीं किया जाना चाहिए, जब तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्माण को पूर्ण घोषित करते हुए आवश्यक ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी न किया गया हो। इसके लिए निर्धारित दस्तावेजों एवं आवश्यक वैध एनओसी भी अनिवार्य है।

स्वीकृत बिल्डिंग प्लान से छेड़छाड़ पर भी होगी कार्रवाई

नगर निगम ने सर्वेक्षण के दौरान सामने आए ऐसे मामलों का भी संज्ञान लिया है, जहां ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के माध्यम से स्वीकृत योजनाओं के बावजूद अनाधिकृत प्लॉट सब-डिवीजन, भूमि को व्यावसायिक उपयोग में बदलने तथा स्वीकृत भवन उपनियमों के विपरीत निर्माण किए जाने की स्थिति सामने आई है। नोटिस में विशेष रूप से अनिवार्य सेटबैक का पालन नहीं करने, परिसर में पार्किंग की व्यवस्था नहीं करने और आवश्यक एनओसी के बिना भवन का उपयोग करने जैसी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। संबंधित प्लॉट मालिकों को लागू भूमि उपयोग एवं भवन उपनियमों के अनुरूप स्थिति सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

नियम नहीं माने तो होगी सख्त प्रवर्तन एवं कानूनी कार्रवाई

एमसीजी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित नियमों के अनुरूप आवश्यक सुधार नहीं करने पर नियमानुसार सख्त प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघनों को हटाने में आने वाली प्रवर्तन लागत भी लागू कानून के अनुसार संबंधित उल्लंघनकर्ता से वसूल की जाएगी। गैर-अनुपालन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान रहेगा।

ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण भी हटेंगे

नगर निगम ने सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अतिक्रमणों को भी गंभीरता से लिया है। नोटिस में अनाधिकृत रैंप, सड़क एवं सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी/अर्ध-स्थायी ढांचे, दुकानें, खोखे, कियोस्क, ढाबे और अन्य संरचनाओं का उल्लेख किया गया है।
इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ, सड़क किनारे की भूमि तथा अन्य नगर निगम एवं सार्वजनिक भूमि पर किए गए अनाधिकृत कब्जों एवं अतिक्रमण के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे अतिक्रमण यातायात के सुचारु संचालन और पैदल यात्रियों की आवाजाही में बाधा उत्पन्न करते हैं।

जलभराव और यातायात में बाधा पैदा करने वाले अतिक्रमण भी निशाने पर

एमसीजी के नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि सार्वजनिक रास्तों एवं ग्रीन बेल्ट पर किए गए अनाधिकृत निर्माण और अतिक्रमण कई स्थानों पर जलभराव तथा यातायात संबंधी समस्याओं का कारण बनते हैं। ऐसे मामलों में भी कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और प्रवर्तन कार्य पर होने वाला खर्च संबंधित उल्लंघनकर्ताओं से वसूल किया जाएगा।

सार्वजनिक स्थानों पर आवारा पशुओं से होने वाली बाधाओं पर भी कार्रवाई

नगर निगम ने सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और अन्य सार्वजनिक परिसरों में आवारा पशुओं के कारण उत्पन्न यातायात बाधा, असुविधा और सुरक्षा जोखिम को भी नोटिस में शामिल किया है। ऐसे मामलों में भी लागू कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा प्रवर्तन पर आने वाली लागत नियमानुसार वसूल की जा सकती है।

निगमायुक्त की अपील—नियमों का पालन करें, कार्रवाई से बचें

नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने सभी प्लॉट मालिकों, भवन मालिकों एवं संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे अपने भूमि उपयोग, भवन निर्माण और भवन के संचालन को लागू नियमों के अनुरूप रखें। आवश्यक अनुमतियां एवं एनओसी प्राप्त करें तथा स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और निर्धारित बिल्डिंग बायलॉज का पूरी तरह पालन करें। गुरुग्राम के सुनियोजित विकास, सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और नागरिकों की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार प्रवर्तन एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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Author: Bharat Sarathi

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