भारी बारिश और जलभराव के बीच जुटे कार्यकर्ता; 26 अक्टूबर को रोहतक में किसान-मजदूर-युवा-छात्र-महिला महापंचायत का ऐलान

गुड़गांव, 8 अगस्त। सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) [SUCI(C)] के संस्थापक महामंत्री एवं मार्क्सवादी चिंतक शिवदास घोष की 50वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को झज्जर स्थित दीनबंधु छोटूराम किसान धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय स्मृति सभा आयोजित की गई। गुड़गांव से पार्टी के जिला सचिव कॉमरेड बलवान सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सभा में भाग लिया।
पार्टी की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, झज्जर में सुबह से जारी भारी बारिश और कार्यक्रम स्थल के आसपास जलभराव के बावजूद विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ता और समर्थक सभा में पहुंचे।
मजदूरों, युवाओं और महिलाओं के मुद्दे उठाए

सभा के मुख्य वक्ता SUCI(C) की केंद्रीय कमेटी के वरिष्ठ सदस्य कॉमरेड अरुण कुमार सिंह ने देश की मौजूदा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे छात्र-युवा आंदोलनों ने युवाओं में संघर्ष और बदलाव की नई चेतना पैदा की है।
उन्होंने फैक्ट्री मजदूरों, खेत-मजदूरों और दिहाड़ी श्रमिकों की स्थिति का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा आर्थिक व्यवस्था में मेहनतकश वर्ग का शोषण बढ़ रहा है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक असमानता तथा महिलाओं के उत्पीड़न को भी गंभीर समस्या बताया।
अरुण कुमार सिंह ने शिवदास घोष के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी मेहनतकश जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पूंजीवाद विरोधी समाजवादी आंदोलन को मजबूत करने की पक्षधर है।
‘वोट की राजनीति के मुकाबले आंदोलन की राजनीति’

SUCI(C) हरियाणा के राज्य सचिव कॉमरेड राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए केवल चुनावी राजनीति पर निर्भर रहने के बजाय जन आंदोलनों को मजबूत करना होगा। उन्होंने इसे पार्टी की ‘आंदोलन की राजनीति’ बताते हुए लोगों से जनहित के मुद्दों पर संगठित होने का आह्वान किया।
उन्होंने घोषणा की कि 26 अक्टूबर को रोहतक में ‘किसान-मजदूर-युवा-छात्र-महिला महापंचायत’ आयोजित की जाएगी। उन्होंने प्रदेश के किसानों, मजदूरों, युवाओं, छात्रों और महिलाओं से इसमें भाग लेने की अपील की।
शिवदास घोष के संघर्ष को किया याद
सभा की अध्यक्षता पार्टी की हरियाणा राज्य कमेटी के वरिष्ठ सदस्य कॉमरेड अनूप सिंह मातनहेल ने की। उन्होंने शिवदास घोष के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ाव और उनके राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पुण्यतिथि उनके विचारों और संघर्षों को समझने का अवसर है।
उन्होंने भारी बारिश और जलभराव के बावजूद कार्यक्रम में पहुंचे कार्यकर्ताओं, समर्थकों और बुद्धिजीवियों का आभार व्यक्त किया।
सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने ‘अंतरराष्ट्रीय गान’ गाया और शिवदास घोष तथा समाजवादी क्रांति के समर्थन में नारे लगाए।






