निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने किया शहर का व्यापक दौरा, जलनिकासी कार्यों का लिया जायजा

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सेक्टर-10 में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर नागरिकों ने जताया संतोष, विभिन्न स्थानों पर प्रभावी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने जल संरक्षण की मिशाल

गुरुग्राम, 6 अगस्त। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों की टीम के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों का व्यापक दौरा कर जल निकासी व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने पाए तथा सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए।

सेक्टर-10 में मिला ड्रेनेज सुधार का सकारात्मक परिणाम

दौरे के दौरान निगमायुक्त ने सेक्टर-10 स्थित अल्पाइन स्कूल रोड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर स्थानीय निवासियों ने बताया कि पूर्व वर्षों में इस सड़क पर प्रत्येक वर्ष बरसात के दौरान गंभीर जलभराव की समस्या उत्पन्न होती थी, जिससे आवागमन प्रभावित होता था। इस वर्ष नगर निगम द्वारा ड्रेनेज व्यवस्था में किए गए सुधारात्मक कार्यों के बाद स्थिति पूरी तरह बदल गई है और अब यहां जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। नागरिकों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए निगमायुक्त एवं पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।

निगमायुक्त सेक्टर 10, बादशाहपुर ड्रेन तथा बहरामपुर रोड सहित आसपास के कई क्षेत्रों में गए। बहरामपुर रोड, जहां पहले जलभराव की काफी समस्या रहती थी, वीरवार को पूरी तरह साफ दिखा और नगर निगम द्वारा किए गए सुधारात्मक कार्यों की सकारात्मक तस्वीर दिखाई दी। निगमायुक्त के साथ अतिरिक्त निगमायुक्त रविन्द्र यादव, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, कार्यकारी अभियंता प्रदीप कुमार, सहायक अभियंता वसीम अकरम सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम

इस वर्ष नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जलभराव से राहत के साथ साथ जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम बने हैं। साउथ सिटी-2 के आई-ब्लॉक, स्वागत पार्क सेक्टर-4, राजकीय विद्यालय शिवाजी नगर सहित अन्य क्षेत्रों में स्थापित प्रणालियों की कार्यप्रणाली बेहतर रही हैं। इनमें वर्षा जल का प्रभावी संचयन हो रहा है, जिससे एक ओर जलभराव की समस्या में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर भूजल रिचार्ज को भी बढ़ावा मिल रहा है।

निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की नियमित निगरानी और रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक मानसून में इनका अधिकतम लाभ नागरिकों और पर्यावरण को मिल सके।

मानसून प्रबंधन पर विशेष फोकस

निगमायुक्त ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम मानसून के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है। ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों की नियमित मॉनिटरिंग, पंपिंग व्यवस्था तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी तकनीकों के समन्वित उपयोग से शहर में जल निकासी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जलभराव संभावित स्थल पर निरंतर निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत मशीनरी और मैनपावर तैनात कर नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा नगर निगम गुरुग्राम का उद्देश्य केवल बारिश के दौरान जल निकासी करना नहीं, बल्कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान विकसित करना है। ड्रेनेज सुधार कार्यों और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। जल संरक्षण और बेहतर शहरी बुनियादी ढांचे के माध्यम से हम गुरुग्राम को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। नागरिकों का सहयोग और विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

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Author: Bharat Sarathi

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