अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों खिलाफ नगर निगम की बड़ी तैयारी, अगस्त में 100 से अधिक निर्माण ध्वस्तीकरण का लक्ष्य

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना में चलेगा विशेष अभियान, विशेष टास्क फोर्स होंगी गठित, प्रतिदिन होगी मॉनिटरिंग, स्वयं अवैध निर्माण हटाने का अंतिम अवसर

गुरुग्राम, 5 अगस्त। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करते हुए नगर निगम गुरुग्राम ने निगम क्षेत्र में अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ अब तक का सबसे व्यापक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। अगस्त माह के दौरान शहर के सभी जोनों में विशेष अभियान चलाकर अवैध निर्माणों को नियमानुसार ध्वस्तीकरण एवं अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने इस अभियान के तहत अगस्त माह में 100 से अधिक अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों पर कार्रवाई का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएंगी। इन टीमों में संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। प्रत्येक जोन के संयुक्त आयुक्त प्रतिदिन की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट निगम मुख्यालय को भेजेंगे, ताकि अभियान की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा और निगरानी की जा सके।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अवैध एवं अनाधिकृत निर्माण किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऐसे सभी निर्माणों पर बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भवन मालिकों और निर्माणकर्ताओं से अपील की गई है कि वे प्रशासनिक कार्रवाई से पहले स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी, जिसका समस्त खर्च भी संबंधित निर्माणकर्ता से वसूला जा सकता है।

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि गुरुग्राम का सुनियोजित एवं सुरक्षित विकास नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की मास्टर प्लान व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि यातायात, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं, पर्यावरण तथा नागरिक सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव डालते हैं। ऐसे निर्माण भविष्य में अनेक प्रशासनिक एवं कानूनी समस्याओं का कारण बनते हैं। इसलिए नगर निगम ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए इनके विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई करने का फैसला लिया है।

निगमायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और कानून के दायरे में रहकर संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अवैध निर्माण को संरक्षण देने या कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी भवन का निर्माण शुरू करने से पहले नगर निगम से आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें तथा केवल स्वीकृत मैप के अनुसार ही निर्माण कार्य करें। उन्होंने दोहराया कि अगस्त माह का यह विशेष अभियान केवल शुरुआत है। भविष्य में भी अवैध एवं अनाधिकृत निर्माणों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाए जाएंगे, ताकि गुरुग्राम को एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित शहर के रूप में विकसित किया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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