नाम बदलने से नहीं बल्कि नीयत बदलने से होगा विकास- हुड्डा
चंडीगढ़, 1 अगस्त । पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले सेक्टरों की खस्ता हालत पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने सत्ता में आने के बाद हुडा का नाम बदलकर एचएसवीपी तो कर दिया। लेकिन उसके विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जबकि विकास नाम बदलने से नहीं, नियत बदलने से होता है।
हुड्डा ने कहा कि सरकार की बदनियती के चलते ही पंचकूला, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र और रोहतक समेत 10 शहरों में स्थित 50% विकसित सेक्टरों को शहरी स्थानीय निकायों के हवाले करने की प्रक्रिया भी तय समय सीमा पर पूरी नहीं हो सकी। इन सेक्टरों के रखरखाव और नागरिक सुविधाओं की जिम्मेदारी 31 मई तक निकायों को सौंपनी थी। लेकिन उसके दो महीने बाद भी यह नहीं हो पाया। क्योंकि इन सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था, पार्कों व सड़कों का निर्माण कार्य तक कई-कई साल देरी से चल रहा है। इतना ही नहीं, एचएसवीपी और निकायों के पास कर्मचारियों का भी भारी टोटा है। पक्की भर्तियां करने की बजाए सरकार कौशल निगम और ठेकेदारी पर कर्मचारी नियुक्त करने की सिफारिश कर रही है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जब से बीजेपी सत्ता में आई है, तभी से सेक्टरों का विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गया है। प्लॉट्स के लिए लॉटरी सिस्टम की बजाए, बोली लगाने जाने से जमीन के दाम कई गुना जरूर बढ़ गए। लेकिन वहां रहने वाले लोगों की सुविधाओं में भारी कटौती हो गई।
जबकि हुडा विभाग का निर्माण मध्यम वर्ग व निम्न-मध्यम वर्ग को शहरों में सस्ते रिहायशी प्लॉट उपलब्ध करवाने के लिए हुआ था। इसका मकसद शहरों का योजनाबद्ध विकास करना और अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर अंकुश लगाना था। लेकिन जब से बीजेपी ने प्लॉटों की बोली लगाने की व्यवस्था शुरू की, तभी से सेक्टरों के रेट आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए और प्रदेश में अंधाधुंध अवैध कॉलोनियों का निर्माण शुरू हो गया। क्योंकि सरकार ने मौजूदा सेक्टरों के रेट आसमान पर पहुंचा दिए और नए सेक्टरों के लिए कोई भी नई जमीन अधिग्रहण नहीं की।
अब एक तरफ जनता को सरकार सेक्टर्स के नाम पर लूट रही है और दूसरी तरफ जमीन माफिया अवैध और प्राइवेट कॉलोनियों के नाम से लूटा जा रहा है।
हुड्डा ने प्रॉपर्टी टैक्स के नए नियम पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि नए नियम से लोगों को पांच गुना तक अधिक टैक्स देना होगा। क्योंकि अब यह कलेक्टर रेट के साथ जोड़ दिया जाएगा। इसलिए जैसे-जैसे कलेक्टर रेट बढ़ेंगे, प्रॉपर्टी टैक्स भी उसी हिसाब से बढ़ता जाएगा। इतना ही नहीं, इमारत के हर फ्लोर का आंकलन अलग से किया जाएगा, जिससे टैक्स की देनदारी और ज्यादा बढ़ेगी। पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता पर यह अतिरिक्त तानाशाही बोझ पड़ेगा और मध्यम वर्ग की हालत बद से बदत्तर हो होती जाएगी।
हुड्डा ने सेक्टरों में नागरिक सुविधाओं के निर्माण व विस्तार की मांग के साथ नए प्रॉपर्टी टैक्स के नियम में भी बदलाव की मांग करी है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की जेब पर डाका डालना छोड़कर, उन्हें सुविधाएं देने पर ध्यान दे।








