45 वर्षों से लंबित मांग को अब अनुकूल राजनीतिक और न्यायिक परिस्थितियों में पूरा करने का समय, आमजन को सुलभ न्याय दिलाने की पहल की मांग
रेवाडी, 1 अगस्त। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने राज्यसभा सांसद संजय भाटिया द्वारा गुरुग्राम में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि दक्षिणी हरियाणा के लोग पिछले लगभग 45 वर्षों से इस मांग को उठाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य में अनुकूल परिस्थितियां हैं, इसलिए सरकार को इस दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए।
विद्रोही ने कहा कि वर्ष 1980 से लेकर अब तक दक्षिणी हरियाणा के जागरूक नागरिक लगातार गुरुग्राम में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग उठाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं भी विभिन्न अवसरों पर सभी मुख्यमंत्रियों के समक्ष यह मांग रखी, लेकिन किसी भी सरकार ने इस विषय पर गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के सांसदों और विधायकों ने भी इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि हाल ही में गुरुग्राम में टॉवर ऑफ जस्टिस के उद्घाटन के दौरान न्याय तक आसान पहुंच की बात तो की गई, लेकिन आम नागरिकों को न्याय सुलभ बनाने के लिए कोई ठोस रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया। उनके अनुसार केवल आधुनिक न्यायालय भवन बना देने से न्याय सुलभ नहीं हो जाएगा, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करना अधिक प्रभावी कदम होगा।
विद्रोही ने कहा कि वर्तमान में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत हरियाणा से हैं और उन्होंने राज्य की न्यायिक व्यवस्था को करीब से देखा है। इसके अलावा केंद्र और हरियाणा दोनों जगह भाजपा की सरकार है तथा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कृष्णपाल गुर्जर जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी इस मांग को आगे बढ़ाने के लिए अनुकूल अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इच्छाशक्ति दिखाए तो गुरुग्राम में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच स्थापित कर दक्षिणी हरियाणा के लाखों लोगों को न्याय तक आसान और त्वरित पहुंच उपलब्ध कराई जा सकती है।








