सामाजिक संगठनों ने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

गुरुग्राम, 24 जुलाई। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुग्राम में विभिन्न सामाजिक संगठनों, ट्रेड यूनियनों और नागरिक समूहों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कमला नेहरू पार्क से डाकखाना चौक तक मार्च निकालकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की तथा छात्रों-युवाओं के संघर्ष के प्रति एकजुटता जताई।
प्रदर्शन में सीटू, जनवादी महिला समिति, भारत की नौजवान सभा, एटक, इंटक, एसयूसीआई, बेलसोनिका यूनियन, संयुक्त किसान मोर्चा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, सर्व कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों के कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

इस अवसर पर जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव उषा सरोहा, सीटू जिला अध्यक्ष सुरेश नौहरा, एटक के राज्य महासचिव अनिल पंवार, एसयूसीआई के रामकुमार, संयुक्त किसान मोर्चा के एडवोकेट संतोख सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के कंवर लाल यादव, डीवाईएफआई से बलजीत पूनिया व बलवान सिंह तथा सामाजिक कार्यकर्ता मनीष मक्कड़ ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और युवाओं पर लाठीचार्ज करना बेहद निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। वक्ताओं ने केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो गुरुग्राम के सामाजिक संगठन, यूनियनें और नागरिक जंतर-मंतर पर पहुंचकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, शिक्षा और रोजगार के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। ऐसे समय में उनके आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार को उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदर्शन में जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष रामवती, कोषाध्यक्ष गिरिजा कुमारी, लीलावती, विद्या, सरस्वती, मीरा, रानी, पिंकी, आम आदमी पार्टी से हरीश मल्होत्रा व अजित कुमार, किसान मोर्चा से नवनीत रोजखेड़ा, तारिफ गुलिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।







