जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने आरुषि होम का किया औचक निरीक्षण

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बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं का लिया जायजा

बालिकाओं को उनके विधिक अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी

गुरुग्राम, 24 जुलाई- जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम नरेंद्र सुरा के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने आरुषि होम (बालिकाओं हेतु बाल देखभाल संस्थान) गुरुग्राम का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बालिकाओं से व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से संवाद कर उनकी समस्याओं, दैनिक दिनचर्या, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के संबंध में जानकारी ली। बालिकाओं ने संस्थान में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया तथा निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं हुई। साथ ही, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने बालिकाओं के रहने की व्यवस्था, स्वच्छता, शयन कक्षों, स्नानगृहों तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही भोजन एवं पोषण संबंधी व्यवस्थाओं की भी जांच की गई, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप पाई गई। संस्थान में स्वच्छ पेयजल, पंखे, कूलर तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध मिलीं।

उन्होंने संस्थान में संधारित विभिन्न अभिलेखों एवं रजिस्टरों की भी जांच की, जो सुव्यवस्थित पाए गए। इस दौरान उन्होंने बालिकाओं को उनके विधिक अधिकारों, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक बालिका जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम से निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श एवं अन्य सहयोग प्राप्त कर सकती है।

जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर बाल देखभाल संस्थानों का निरीक्षण किया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संस्थान में रह रही प्रत्येक बालिका को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण, गुणवत्तापूर्ण देखभाल तथा सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। साथ ही उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं अन्य अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालिकाओं के हितों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रत्येक बालिका को निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श भी उपलब्ध कराया जाता है।

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Author: Bharat Sarathi

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