चंडीगढ़/सिरसा, 25 जून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की सदस्य, सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने कहा है कि हरियाणा में भाजपा सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई है। प्रदेश में पेयजल, सीवरेज, स्टॉर्म वाटर, नालों की सफाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, लेकिन सरकार केवल पोर्टलों, ई-टेंडरिंग और प्रचार के सहारे जनता को गुमराह करने में लगी हुई है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि गांव चनैत में पेयजल की मांग को लेकर शांतिपूर्ण संघर्ष कर रहे ग्रामीणों पर आधी रात को पुलिस बल, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल बेहद निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए आवाज उठाने वाले ग्रामीणों की बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। लोकतंत्र में जनता की समस्याओं का समाधान संवाद से होता है, दमन से नहीं।
सांसद ने कहा कि यदि प्रदेश के ग्रामीणों को आज भी पीने के पानी के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है तो यह भाजपा सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक विफलता है। सरकार को तत्काल ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए तथा पूरी घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
कुमारी सैलजा ने सिरसा शहर में वर्षों से चल रहे स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना पिछले लगभग आठ वर्षों से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मुख्य बाजारों और सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है, आम नागरिकों का आवागमन बाधित है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है। हाल ही में व्यापारियों को अपनी दुकानों की चाबियां प्रशासन को सौंपने की चेतावनी तक देनी पड़ी, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। यह स्थिति स्वयं साबित करती है कि सरकार विकास कार्यों के नाम पर केवल अव्यवस्था फैला रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार बार-बार दावा करती रही है कि 30 जून से पहले नहरों और नालों की सफाई पूरी कर दी जाएगी तथा बरसात से पहले घग्घर नदी के तटबंध मजबूत कर दिए जाएंगे, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकांश कार्य अधूरे पड़े हैं। मानसून सिर पर है और प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में लोग जलभराव तथा बाढ़ जैसी संभावित समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने पारदर्शिता के नाम पर पोर्टल और ई-टेंडरिंग की व्यवस्था तो बना दी, लेकिन वास्तविकता यह है कि प्रदेश में विकास कार्य समय पर पूरे नहीं हो रहे। जनता को राहत मिलने के बजाय उसे रोजाना नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को प्रचार छोड़कर धरातल पर काम करने की आवश्यकता है।
सांसद ने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी और सरकार से मांग करती है कि पेयजल, स्टॉर्म वाटर, नालों की सफाई तथा अन्य सभी अधूरे विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कर प्रदेशवासियों को राहत प्रदान की जाए। भाजपा सरकार को यह समझना चाहिए कि जनता की आवाज को लाठियों और आंसू गैस से दबाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है।








