खुदीराम बोस की स्मृति सभा में गूंजे ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे

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युवाओं ने शहीदों के सपनों का भारत बनाने और अन्याय-शोषण के खिलाफ संघर्ष तेज करने का लिया संकल्प

गुड़गांव, 11 अगस्त। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीवाईओ) की ओर से मंगलवार को लक्ष्मण विहार में महान क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस के बलिदान दिवस पर स्मृति सभा आयोजित की गई। युवाओं, बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा को संबोधित करते हुए संगठन के जिला उपाध्यक्ष वजीर सिंह ने कहा कि खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन महान क्रांतिकारियों में शामिल थे, जिन्होंने बेहद कम उम्र में देश की आजादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनका जन्म 3 दिसंबर 1889 को बंगाल के मिदनापुर क्षेत्र में हुआ था। वे किशोरावस्था में ही ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए थे।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1908 के मुजफ्फरपुर बम कांड के बाद खुदीराम बोस को गिरफ्तार किया गया। मुकदमे के बाद उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई और 11 अगस्त 1908 को मात्र 18 वर्ष की आयु में वे हंसते-हंसते फांसी के फंदे पर झूल गए। उनका साहस, देशभक्ति और बलिदान आज भी युवाओं को अन्याय एवं शोषण के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।

नई पीढ़ी तक पहुंचाएं शहीदों के विचार

वक्ताओं ने कहा कि शहीदों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसमें शोषण, बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार और भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं था। आज युवाओं के सामने बेरोजगारी, महंगाई तथा शिक्षा और रोजगार के अवसरों की कमी जैसी गंभीर समस्याएं हैं। ऐसे समय में शहीदों के जीवन और विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद आवश्यक है।

सभा में उपस्थित लोगों ने “शहीद खुदीराम बोस अमर रहें”, “इंकलाब जिंदाबाद”, “महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज करो” तथा “शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए आगे बढ़ो” जैसे नारे लगाए।

संगठन ने युवा वर्ग के बीच जागरूकता अभियान तेज करने तथा युवाओं को सामाजिक अन्याय, शोषण, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकतांत्रिक संघर्षों से जोड़ने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर रिंकी सिंह, विपिन, नितिन, रजनी, गोपीचंद, अथर्व, पूर्व, राज, ऋतिक, काजल, नन्ही, कमलकांत और प्रियंका सहित अनेक युवा एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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