रेवाड़ी में 200 बेड का अस्पताल कहां है, पहले यह बताएं भाजपा विधायक और स्वास्थ्य मंत्री : विद्रोही
रेवाड़ी, 20 जून। हरियाणा विधानसभा की शिक्षा, तकनीकी, व्यवसायिक एवं चिकित्सा शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समिति के रेवाड़ी दौरे को स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मात्र खानापूर्ति और समिति सदस्यों के भत्ते बनाने वाला सैर-सपाटा करार दिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा समितियों की मूल अवधारणा जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करना है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में आमजन पूरी तरह गायब नजर आते हैं।
विद्रोही ने कहा कि विभिन्न विभागों से संबंधित विधानसभा समितियों का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर आम नागरिकों की समस्याएं सुनना, सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जमीनी हकीकत जानना तथा जनता से सुझाव प्राप्त कर उन्हें अपनी रिपोर्ट का हिस्सा बनाना होता है। इन सुझावों के आधार पर सरकार को नीतिगत सुधारों और जनहितकारी योजनाओं के लिए सिफारिशें की जाती हैं। लेकिन रेवाड़ी में हुए समिति के दौरे में इस मूल भावना का कहीं कोई अता-पता नहीं दिखा।
उन्होंने कहा कि समिति ने रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल, इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर तथा राजकीय कन्या महाविद्यालय का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में आम जनता कहां थी? यदि दौरे की कोई सार्वजनिक सूचना ही नहीं दी गई, जनता से सुझाव लेने या जनसुनवाई का कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया, तो फिर आम नागरिक अपनी समस्याएं और सुझाव समिति तक कैसे पहुंचाएंगे?
विद्रोही ने आरोप लगाया कि ऐसे दौरों में अधिकारी वही दिखाते हैं जो वे दिखाना चाहते हैं। जब जनता की भागीदारी ही नहीं होगी तो समिति की रिपोर्ट वास्तविकता के बजाय केवल सरकारी दावों का दस्तावेज बनकर रह जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों के साथ बैठकों और संस्थानों के औपचारिक निरीक्षण तक ही समिति की भूमिका सीमित है तो इसे जनहित का दौरा नहीं बल्कि सैर-सपाटा और भत्ते बनाने की कवायद ही माना जाएगा।
ग्रामीण भारत के अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी विधानसभा समिति का दौरा तभी सार्थक माना जा सकता है जब उसमें जनभावनाओं को स्थान मिले और आम नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया जाए।
विद्रोही ने समिति के अध्यक्ष और रेवाड़ी के भाजपा विधायक द्वारा दिए गए उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल को 200 बेड से बढ़ाकर 300 बेड का करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी के भाजपा विधायक और रेवाड़ी से संबंधित हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव पहले यह स्पष्ट करें कि रेवाड़ी में वह 200 बेड का सरकारी अस्पताल आखिर है कहां, जिसे अब 300 बेड का किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि रेवाड़ी में 200 बेड का सरकारी अस्पताल अस्तित्व में ही नहीं है। ऐसे में 200 को 300 बेड करने के दावे जनता को गुमराह करने और जुमलेबाजी करने के अलावा कुछ नहीं हैं। विद्रोही ने आरोप लगाया कि विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर जनता को भ्रमित करने के बजाय सरकार को जमीनी सच्चाई स्वीकार कर वास्तविक सुधारों पर ध्यान देना चाहिए।









