जोन-1 और जोन-2 में 16 स्थानों पर कार्य पूर्ण, शेष हॉटस्पॉट्स पर युद्धस्तर पर जारी है विकास एवं ड्रेनेज सुधार कार्य

गुरुग्राम, 19 जून। आगामी मानसून को देखते हुए नगर निगम गुरुग्राम द्वारा शहर को जलभराव मुक्त बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित नगर निगम के मानसून मैनेजमेंट सेल (एमएमसी) की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के अनुसार जोन-1 और जोन-2 में चिन्हित कुल 36 जलभराव हॉटस्पॉट्स पर विशेष कार्यवाही की जा रही है। इनमें से कई स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष स्थानों पर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की सफाई एवं डी-सिल्टिंग के कार्य तेजी से चल रहे हैं।
जोन-1 में 13 जलभराव हॉटस्पॉट पर कार्य
एमएमसी रिपोर्ट के अनुसार जोन-1 में कुल 13 जलभराव हॉटस्पॉट में 4 माइनर, 5 मॉडरेट और 4 हाइपरक्रिटिकल श्रेणी के हैं। इनमें से 6 स्थानों पर कार्य पूर्ण कर समस्या का समाधान किया जा चुका है। 5 कार्य अल्पकालिक श्रेणी में तथा 2 कार्य मध्यम अवधि में पूर्ण किए जाएंगे। सेक्टर-10ए, गांधी नगर बूस्टर, बेगमपुर खटोला सहित कई स्थानों पर स्टॉर्म वाटर ड्रेन एवं सीवरेज संबंधी कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि फाजिलपुर क्षेत्र में डी-सिल्टिंग कार्य प्रगति पर है।
जोन-2 में 23 हॉटस्पॉट्स पर चल रहा सुधार कार्य
जोन-2 में कुल 23 जलभराव हॉटस्पॉट हैं, जिनमें 4 माइनर, 13 मॉडरेट तथा 6 हाइपरक्रिटिकल श्रेणी के हैं। रिपोर्ट के अनुसार 10 स्थानों पर कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर ड्रेनेज सुधार, स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण एवं डी-सिल्टिंग कार्य जारी हैं।
जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस
नगर निगम द्वारा जलभराव की समस्या वाले क्षेत्रों में स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण, ड्रेनों की सफाई, डी-सिल्टिंग, पाइपलाइन बिछाने तथा जल निकासी नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कई स्थानों पर आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन, बॉक्स ड्रेन तथा अन्य स्थायी समाधान संबंधी कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
मानसून से पहले सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी महत्वपूर्ण जलभराव बिंदुओं पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। संसाधन मैपिंग, पंपिंग व्यवस्था, ड्रेन सफाई एवं फील्ड मॉनिटरिंग को भी मजबूत किया जा रहा है।
निगमायुक्त ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को न्यूनतम करने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। लक्ष्य है कि चिन्हित सभी हॉटस्पॉट्स पर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कर नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी व यश जालुका, संयुक्त आयुक्त डॉ नरेश कुमार, सीटीपी संजीव मान, चीफ इंजीनियर विजय ढाका सहित संबंधित कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता उपस्थित थे।








