गुरुग्राम, 14 जून। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने हरियाणा के जागरूक नागरिकों से अपील की है कि राज्य में शुरू हुई विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान अपने-अपने मतदान केंद्रों पर सतर्क निगरानी रखें और किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटने न दें।
विद्रोही ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता की साख खो चुका है और वह सत्तारूढ़ दल भाजपा के हित में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर आंख मूंदकर भरोसा करना लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए खतरा बन सकता है। उनका दावा है कि आयोग केवल वोटों की चोरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब सीटों की चोरी में भी सहयोगी बन गया है।
उन्होंने मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन कथित रूप से गलत आधार पर रद्द किया गया, जिससे भाजपा को लाभ पहुंचा। विद्रोही के अनुसार, तेलंगाना की जिस अदालत के नोटिस का हवाला देकर नामांकन रद्द किया गया था, उसी अदालत ने बाद में स्पष्ट किया कि मीनाक्षी नटराजन के विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और निजी शिकायत को भी न्यायालय ने खारिज कर दिया था।
विद्रोही ने कहा कि चुनाव आयोग और न्यायपालिका के समक्ष सभी तथ्य रखे जाने के बावजूद राहत नहीं मिली, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि नागरिक सतर्क नहीं रहे तो भविष्य में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां हो सकती हैं।
उन्होंने अहीरवाल सहित पूरे हरियाणा के मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अपने-अपने बूथों पर मतदाता सूची की नियमित जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटे। विद्रोही ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए नागरिकों की जागरूकता और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।








