रसोई गैस सिलेंडर में 29 रुपये की बढ़ोतरी वापस ले सरकार : वेदप्रकाश विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

तेल कंपनियों के मुनाफे और बढ़ती कीमतों पर उठाए सवाल, आम जनता को राहत देने की मांग


रेवाडी, 7 जून 2026।
स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने रसोई गैस सिलेंडर में 29 रुपये की बढ़ोतरी को आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का एक और आर्थिक बोझ बताते हुए इस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती ईंधन और गैस की कीमतों से आम जनता की घरेलू अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

विद्रोही ने कहा कि पिछले एक माह में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 8 रुपये प्रति लीटर तथा सीएनजी के दाम में करीब 6 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई है। इसके अलावा 5 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर और कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भी 50 से 85 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर 1572 रुपये तथा तीन महीनों में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 89 रुपये तक महंगा हो चुका है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार महंगाई बढ़ाकर आमजन पर आर्थिक बोझ डाल रही है। विद्रोही के अनुसार सरकार मीडिया में प्रायोजित खबरों के माध्यम से तेल कंपनियों के कथित घाटे का हवाला देकर पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में वृद्धि को उचित ठहराने का प्रयास करती है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे भिन्न है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि तेल कंपनियों की बैलेंस शीट के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक उन्हें कुल 3,63,405 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मार्च 2026 तक तेल कंपनियां लाभ में थीं तो फिर घाटे का हवाला देकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई थी, तब उपभोक्ताओं को उसका लाभ क्यों नहीं दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में तेल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं से वसूली गई अतिरिक्त राशि और पिछले 11 वर्षों में पेट्रोल-डीजल पर करों के माध्यम से सरकार द्वारा प्राप्त राजस्व के उपयोग को लेकर भी पारदर्शिता नहीं है। विद्रोही ने कहा कि सरकार को ईंधन एवं गैस मूल्य वृद्धि पर पुनर्विचार करते हुए आम जनता को राहत देने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!