अग्निवीर योजना से सैनिक और सरकार के बीच पारंपरिक रिश्ता कमजोर हुआ : राहुल गांधी

अल्मोड़ा/उत्तराखंड। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी खराब मौसम के कारण गुरुवार को अल्मोड़ा में आयोजित कांग्रेस की विशाल जनसभा में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके। हालांकि उन्होंने फोन के माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए उत्तराखंड की जनता का अभिवादन किया और जल्द ही प्रदेश का पुनः दौरा करने का भरोसा दिया।

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड का देश सेवा और राष्ट्र रक्षा में विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने बड़ी संख्या में युवाओं को सेना में भेजा है तथा यहां के लोगों के डीएनए में देशभक्ति की भावना रची-बसी है।
राहुल गांधी ने कहा कि सैनिक और सरकार के बीच एक पवित्र रिश्ता होता है, जिसमें सैनिक देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करता है और सरकार उसके तथा उसके परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती है। उन्होंने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना की आलोचना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था ने सैनिकों और सरकार के बीच बने इस पारंपरिक रिश्ते को कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

फोन पर संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने उत्तराखंड की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिकूल मौसम के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, लेकिन जल्द ही दोबारा उत्तराखंड आएंगे। उन्होंने कहा कि वह लोगों के बीच समय बिताकर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनेंगे तथा प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए संवाद करेंगे।
इस अवसर पर उत्तराखंड कांग्रेस की प्रभारी एवं सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अल्मोड़ा में उमड़ा जनसैलाब प्रदेश में बदलाव की इच्छा का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि जनता का उत्साह और कांग्रेस के प्रति बढ़ता समर्थन दर्शाता है कि लोग राज्य के विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर नई दिशा चाहते हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठा रही है और पार्टी प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह समर्थन कांग्रेस को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
जनसभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।








