पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री पर सख्ती, एडीसी सोनू भट्ट ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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*जिले की औद्योगिक इकाइयों में डीजल खरीद के स्रोतों की होगी जांच, अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई*

*पेट्रोल पंपों की दैनिक बिक्री पर रहेगी विशेष नजर, असामान्य वृद्धि होने पर होगा ऑडिट व निरीक्षण*

*अवैध अंतर्राज्यीय परिवहन रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड टीमें गठित*

गुरुग्राम, 3 जून- एडीसी सोनू भट्ट ने बुधवार को जिला में हाई स्पीड डीजल (एचएसडी) और मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) की असामान्य बिक्री तथा अवैध अंतर्राज्यीय परिवहन पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों और तेल कंपनियों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में एडीसी ने बताया कि जिले में 91 ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं जो ईंधन के रूप में डीजल का उपयोग करती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी इकाइयों की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्होंने डीजल अधिकृत स्रोतों से ही खरीदा है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों की अवहेलना सामने आती है तो संबंधित इकाई के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने सभी पेट्रोल पंपों की दैनिक बिक्री पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। एडीसी ने कहा कि यदि किसी पेट्रोल पंप पर डीजल या पेट्रोल की बिक्री में अचानक असामान्य वृद्धि दिखाई देती है तो उसका तत्काल ऑडिट और निरीक्षण किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पेट्रोल पंपों से अनधिकृत टैंकरों या ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को थोक मात्रा में ईंधन की आपूर्ति न हो, जिन्हें नियमों के अनुसार सीधे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से ईंधन प्राप्त करना आवश्यक है।

एडीसी ने बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वाड टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये टीमें लगातार फील्ड में रहकर निगरानी करेंगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।

उन्होंने तेल कंपनियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेट्रोल पंपों पर एक बार में हुई बड़ी ईंधन बिक्री और ट्रांजेक्शनों का विवरण डीएफएससी कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए। इससे किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता की पहचान कर दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।

बैठक में डीआरओ विजय यादव, एसीपी उद्योग विहार कुलदीप कुमार, डीएफएससी के.के. गोयल, ईटीओ दिनेश कुमार, ईटीओ डॉ. अमरिंदर सिंह, आईओसीएल से आकाश श्योराण, संदीप, जीपीपीडीए के प्रेजिडेंट मनीष यादव तथा विभिन्न तेल आपूर्ति कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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