विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर जिला कारागार भोंडसी में बंदियों को नशामुक्त जीवन का संदेश

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

डीएलएसए गुरुग्राम ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर तंबाकू और नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी

बंदियों ने रागिनी के माध्यम से स्वस्थ जीवन अपनाने और नशे से दूर रहने का दिया संदेश

गुरुग्राम, 31 मई- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) गुरुग्राम द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिला कारागार भोंडसी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को तंबाकू सेवन, धूम्रपान और अन्य नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ और नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष डीएलएसए नरेंद्र सूरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बंदियों को तंबाकू, धूम्रपान और अन्य नशों से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही बेहतर भविष्य की नींव हैं। उन्होंने आत्मानुशासन और सकारात्मक सोच के माध्यम से जीवन में अच्छे बदलाव लाने का आह्वान किया।

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव डीएलएसए निशा के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में बंदियों के कल्याण, पुनर्वास और विधिक जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया। जिला कारागार भोंडसी के अधीक्षक विकास कौशिक ने भी बंदियों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया और ऐसे कार्यक्रमों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ता दमन शर्मा ने तंबाकू, धूम्रपान और मादक पदार्थों से जुड़े कानूनों तथा उनके कानूनी परिणामों की जानकारी दी। वहीं सिविल अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. सचिन ने नशे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बंदियों द्वारा प्रस्तुत रागिनी रही। रागिनी के माध्यम से तंबाकू सेवन, धूम्रपान और नशे के दुष्प्रभावों को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!