स्कूल खुलने से पहले सभी तैयारियां पूरी करें, शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाना प्राथमिकता : जितेंद्र कुमार

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*महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा हरियाणा जितेंद्र कुमार ने शनिवार को गुरुग्राम में स्कूलों के पुनः खुलने से पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की*

*समीक्षा बैठक के दौरान आधारभूत ढांचे, स्वच्छता, नामांकन, सामुदायिक सहभागिता और स्कूल प्रबंधन पर दिया विशेष जोर*

गुरुग्राम, 30 मई। महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा हरियाणा श्री जितेंद्र कुमार ने शनिवार को राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सुशांत लोक में स्कूलों के पुनः खुलने से पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी कैप्टन इंदु बोकन कसाना, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुमिता रांगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान महानिदेशक ने सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, छात्र नामांकन, स्वच्छता, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय व्यवस्था, शैक्षणिक तैयारियों तथा विद्यालय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों के पुनः खुलने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।

महानिदेशक ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के केंद्र हैं। इसलिए स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, रखरखाव और आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा निर्धारित समय सीमा में उन्हें पूरा कराया जाए। उन्होंने छात्र नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय से जोड़ना शिक्षा विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के स्कूल में निरंतर बने रहने और उनकी शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए।

बैठक में सामुदायिक सहभागिता और विद्यालय प्रबंधन समितियों (एसएमसी) की भूमिका पर भी विशेष चर्चा हुई। महानिदेशक ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अभिभावकों, स्थानीय समुदाय और एसएमसी की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समुदाय को विद्यालय विकास गतिविधियों और निर्णय प्रक्रिया से जोड़ें, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें। समीक्षा बैठक के दौरान महानिदेशक ने सरकारी विद्यालयों में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, प्रशासनिक सुधारों तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। उन्होंने आगामी विभागीय बैठकों, कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

महानिदेशक ने अधिकारियों से समर्पण, पारदर्शिता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि विभाग का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। प्रत्येक सरकारी विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध हो।

इस अवसर पर उप जिला शिक्षा अधिकारी (डिप्टी डीईओ), खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), संकुल प्रभारी तथा अन्य क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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Author: Bharat Sarathi

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