बच्चों से दैनिक दिनचर्या, सुविधाओं और देखभाल को लेकर की बातचीत
बच्चों को विधिक अधिकारों और सहायता संबंधी दी जानकारी
गुरुग्राम, 29 मई- जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुरुग्राम नरेंद्र सूरा के मार्गदर्शन में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गुरुग्राम निशा ने शुक्रवार को बाल देखभाल संस्थान उदयन होम फॉर बॉयज का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निशा ने बच्चों से बातचीत की और उनकी दैनिक दिनचर्या, शिक्षा, खानपान तथा अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से संस्थान में उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में भी चर्चा की। बच्चों ने संस्थान में दी जा रही सुविधाओं पर संतोष जताया।
उन्होंने संस्थान में बच्चों के रहने की व्यवस्था, साफ-सफाई और स्वच्छता का जायजा लिया। साथ ही बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन एवं आहार संबंधी सुविधाओं की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान संस्थान में स्वच्छ पेयजल, पंखे और कूलर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध मिलीं।
न्होंने संस्थान में रजिस्टर भी चैक किए, जो निर्धारित मानकों के अनुसार सुव्यवस्थित एवं अपडेट पाए गए। इस दौरान बच्चों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया और बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम से विधिक सहायता, सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।
मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी-सह-सचिव निशा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और उनके अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य संस्थानों में रह रहे बच्चों को बेहतर वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम द्वारा समय-समय पर ऐसे निरीक्षण किए जाते हैं, ताकि बाल अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सके।









