लापरवाही का आलम: सेक्टर-4 में सड़क किनारे पड़े ट्रांसफार्मर और तार, बड़े हादसे को दे रहे न्योता

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बिजली विभाग की अनदेखी से लोगों में रोष, गर्मी में ब्लास्ट और आग लगने का बढ़ा खतरा

गुरुग्राम। शहर में बढ़ती गर्मी के बीच सेक्टर-4 में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही स्थानीय निवासियों की चिंता का कारण बन गई है। सेक्टर की मुख्य सड़क के किनारे पुराने और खराब पड़े ट्रांसफार्मर तथा बिजली के तारों के बंडल खुले में लावारिस हालत में पड़े हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की इस अनदेखी के चलते राहगीरों, बच्चों और वाहन चालकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। सड़क किनारे फैला यह कबाड़ न केवल अव्यवस्था का प्रतीक है, बल्कि आग और शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को भी खुला निमंत्रण दे रहा है।

उर्वा के संरक्षक धर्मसागर ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि सेक्टर-4 में विभाग का अपना कार्यालय और परिसर मौजूद है, जहां इस तरह के पुराने ट्रांसफार्मरों और तारों को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा इन्हें सड़क किनारे फेंक देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के चलते ट्रांसफार्मरों में मौजूद तेल और पुराने तारों में मामूली चिंगारी भी भयंकर आग का रूप ले सकती है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण यहां ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे आसपास की पूरी कॉलोनी खतरे की जद में आ सकती है।

वाहनों और राहगीरों के लिए बना खतरा

सड़क किनारे पड़े इन भारी ट्रांसफार्मरों और तारों के कारण लोगों को अपनी गाड़ियां पास में पार्क करनी पड़ रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि किसी ट्रांसफार्मर में आग लगती है तो आसपास खड़ी दर्जनों गाड़ियां चंद मिनटों में जलकर राख हो सकती हैं। वहीं शाम के समय यहां से गुजरने वाले बच्चे, बुजुर्ग और पैदल यात्री इन नुकीले तारों और लोहे के कबाड़ से चोटिल हो सकते हैं।

सेक्टर-4 के निवासियों ने बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि सड़क किनारे पड़े पुराने ट्रांसफार्मरों और तारों को तुरंत हटाकर विभागीय परिसर में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए, ताकि किसी संभावित बड़ी दुर्घटना से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

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Author: Bharat Sarathi

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