सुप्रीम कोर्ट का एसआईआर फैसला मतदाता अधिकारों पर चोट : वेदप्रकाश विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

फैसले से चुनाव आयोग और सरकार को वोट काटने का मनमाना अधिकार मिलने का आरोप

रेवाडी, 28 मई 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा एसआईआर मामले में दिए गए फैसले को वोट के संवैधानिक अधिकार पर “डाका” करार देते हुए कहा कि यह फैसला चुनाव आयोग और सरकार को लोगों की वैध वोट काटने का मनमाना अधिकार देता है।

विद्रोही ने कहा कि इस फैसले के बाद अब मतदाता सरकार नहीं चुनेगा, बल्कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर तय करेंगे कि कौन मतदाता होगा और कौन नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और चुनाव आयोग द्वारा चुने गए मतदाता ही सरकार का चुनाव करेंगे, जो लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना के साथ क्रूर मजाक है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले ने भारतीय लोकतंत्र में “उल्टी गंगा” बहाने का काम किया है और लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर किया है। विद्रोही ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट इस फैसले की समीक्षा के लिए एक बड़ी संवैधानिक पीठ गठित करे ताकि मतदाता अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!