सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर हो सख्त कार्रवाई : राष्ट्रीय परशुराम परिषद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक बयान देने वालों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग

जातीय और धार्मिक विद्वेष फैलाने वालों के सामाजिक बहिष्कार पर जोर

भाईचारा बिगाड़ने वाले तत्वों पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करे प्रशासन

गुरुग्राम। राष्ट्रीय परशुराम परिषद के जिला महासचिव उमेश शर्मा ने बताया कि जिला अध्यक्ष श्रीपाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में समाज में जातीय एवं धार्मिक विद्वेष फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। बैठक में कहा गया कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर किसी जाति या समाज के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणियां कर भाईचारे को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत एक धार्मिक और सामाजिक विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग जाति और धर्म के लोग सदियों से आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ रहते आए हैं। ऐसे में समाज में जहर घोलने और सामाजिक ताना-बाना खराब करने वाले तत्वों पर तुरंत रोक लगाना आवश्यक है। परिषद ने मांग की कि यदि किसी व्यक्ति की आपत्तिजनक वीडियो या बयान सोशल मीडिया पर सामने आता है तो पुलिस प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी करनी चाहिए।

राष्ट्रीय परशुराम परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार भी होना चाहिए, क्योंकि उनकी मानसिकता समाज को बांटने और तनाव पैदा करने वाली होती है। उन्होंने कहा कि कुछ शरारती तत्व किसी राजनीतिक दल से जुड़े होने का लाभ उठाकर समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन समाज ऐसे लोगों को कभी स्वीकार नहीं करेगा।

बैठक में जिला अध्यक्ष श्रीपाल शर्मा, जिला महासचिव उमेश शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुशील, मोहन, रामनिवास, गिरिराज, दिनेश, राष्ट्रीय परशुराम सेना युवा अध्यक्ष देवांश, एडवोकेट अर्पित कौशिक, हतिश तथा राष्ट्रीय परशुराम महिला विंग से सुरुचि और सुषमा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!