कहा-कांग्रेस हमेशा किसान और मजदूर वर्ग की उठाती रही है आवाज
चंडीगढ़ 18 मई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री, सीब्ल्यूसी की सदस्य एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की हालिया रिपोर्ट ने देश और विशेष रूप से हरियाणा में कृषि मजदूरों की भयावह स्थिति को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में हरियाणा में 104 कृषि मजदूरों ने आत्महत्या की। यह आंकड़ा केवल एक संख्या नहीं, बल्कि सरकार की विफल नीतियों, बढ़ती बेरोजगारी, न्यूनतम मजदूरी न मिलने और सामाजिक सुरक्षा के अभाव का दर्दनाक प्रमाण है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा किसान और मजदूर वर्ग की आवाज उठाती रही है। कृषि मजदूर देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन आज वे सबसे ज्यादा असुरक्षित और उपेक्षित हैं। खेती पर निर्भर लाखों परिवारों के सामने रोजगार का संकट, बढ़ता कर्ज, महंगाई और जीवनयापन की कठिनाइयां लगातार बढ़ रही हैं। भाजपा सरकार डबल इंजन के दावे करती है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि खेतों में काम करने वाले मजदूरों को न नियमित रोजगार मिल रहा है और न ही सम्मानजनक मजदूरी। मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर किया गया, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सीमित लोगों तक रह गया और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर लगातार घटे हैं।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सरकार को इस गंभीर विषय पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। कृषि मजदूरों के लिए विशेष राहत पैकेज, न्यूनतम मजदूरी की गारंटी, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार और ग्रामीण रोजगार के स्थायी अवसर सुनिश्चित किए जाएं। सांसद ने कहा कि यदि समय रहते सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो ग्रामीण समाज में आर्थिक और सामाजिक संकट और गहरा होगा। कांग्रेस पार्टी मजदूरों और किसानों के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से उठाती रहेगी और सरकार को जवाबदेह बनाएगी।
हरियाणा में बिगड़ती कानून व्यवस्था
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि झज्जर में दिनदहाड़े एक युवक की कार पर 20 गोलियां बरसाकर हत्या कर देना हरियाणा में पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था का भयावह उदाहरण है। प्रदेश में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब सरेआम गोलियों से लोगों की जान ली जा रही है और भाजपा सरकार केवल तमाशबीन बनी हुई है। हरियाणा में लगातार बढ़ती गैंगवार, रंगदारी, हत्याएं और फायरिंग की घटनाएं यह साबित कर रही हैं कि भाजपा सरकार अपराध पर नियंत्रण खो चुकी है। जनता सुरक्षा चाहती है, केवल खोखले दावे नहीं।








