10 कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर, सरकारी कार्य में बाधा और जनगणना ड्यूटी नहीं निभाने का आरोप
गुरुग्राम, 18 मई। राष्ट्रीय जनगणना 2027 कार्य में लापरवाही बरतने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नगर निगम गुरुग्राम ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में गुरुग्राम सिटी थाना में जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत 10 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
एफआईआर के अनुसार नगर निगम गुरुग्राम के चार्ज ऑफिसर कम जोनल टैक्सेशन ऑफिसर राजेश यादव और दिनेश कुमार द्वारा अलग अलग शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें बताया गया कि संबंधित कर्मचारियों को 29 एवं 30 अप्रैल 2026 को जनगणना 2027 के लिए एन्यूमरेटर नियुक्त किया गया था और उन्हें हाउस लिस्टिंग ब्लॉक आवंटित किए गए थे।
एक भी एंट्री नहीं करने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा 17 मई को समीक्षा किए जाने पर पाया गया कि पर्याप्त समय बीत जाने के बावजूद संबंधित कर्मचारियों ने अपने आईएएलओ एप आईडी में एक भी एंट्री नहीं की। इसे राष्ट्रीय जनगणना कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही और सरकारी आदेशों की जानबूझकर अवहेलना माना गया है।
इन कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई
एफआईआर में संदीप, हंसराज, कुलदीप, राजेश कुमार, रविता यादव, जगमति, सुनील कुमार, डेजी शर्मा, सुनील कुमार और अमित कुमार के नाम शामिल हैं। शिकायत के अनुसार ये सभी कर्मचारी जनगणना प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे तथा बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद कार्य शुरू नहीं किया।
जनगणना कार्य में बाधा डालने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण जनगणना कार्य की तैयारियों और संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। साथ ही इसे सरकारी कार्य में बाधा और सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में विफलता माना गया है।
तीन साल तक की सजा का प्रावधान
एफआईआर में उल्लेख किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी लोक सेवक माने जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति सौंपे गए कार्य को करने से इंकार करता है या लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ जुर्माने के साथ-साथ तीन वर्ष तक के कारावास का भी प्रावधान है। गुरुग्राम सिटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निगमायुक्त एवं प्रधान जनगणना अधिकारी प्रदीप दहिया ने कहा कि “जनगणना कार्य राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या सरकारी निर्देशों की अवहेलना स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन सुनिश्चित करना होगा।”








