ट्रंप-अमेरिका के सामने झुक रही मोदी सरकार, इंदिरा गांधी ने दुनिया को दिखाई थी भारत की ताकत : वेदप्रकाश विद्रोही

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ पर वेदप्रकाश विद्रोही का केंद्र सरकार पर हमला, कहा— इंदिरा गांधी ने विश्व शक्तियों को चुनौती देकर बढ़ाया था भारत का गौरव

चंडीगढ़/रेवाडी, 18 मई 2026 – स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने 18 मई 1974 को हुए ऐतिहासिक पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ पर केंद्र सरकार की आर्थिक एवं विदेश नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश आज दो अलग-अलग राजनीतिक नेतृत्वों की सोच का अंतर देख रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने विपरीत अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भी अमेरिका सहित दुनिया की महाशक्तियों के दबाव को ठुकराकर भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाया था, वहीं आज की मोदी सरकार अमेरिका और ट्रंप के दबाव में देश के आर्थिक हितों से समझौता कर रही है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि 18 मई 1974 भारतीय इतिहास का वह गौरवशाली दिन था, जब राजस्थान के पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर भारत ने पूरी दुनिया को अपनी सामरिक क्षमता का परिचय दिया था। उस समय वैश्विक दबाव, आर्थिक चुनौतियों और अमेरिका की नाराजगी के बावजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और साहसिक निर्णय लेकर भारत को विश्व मंच पर एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि उस परमाणु परीक्षण ने न केवल भारत की सुरक्षा क्षमता को नई पहचान दी, बल्कि विश्व राजनीति में भी भारत का सम्मान कई गुना बढ़ा दिया।

विद्रोही ने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय स्वाभिमान और मजबूत विदेश नीति का परिचय दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की नीतियों के सामने झुकते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना था कि आज देश की आर्थिक नीतियां आम जनता के हितों के बजाय विदेशी दबावों से प्रभावित नजर आती हैं, जिसके कारण महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक अस्थिरता लगातार बढ़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव में लिए जा रहे फैसलों का सीधा असर देश के आम नागरिकों पर पड़ रहा है। विद्रोही ने कहा कि बढ़ती महंगाई, ईंधन की कीमतों में वृद्धि और आर्थिक असमानता ने आम आदमी का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि जिस देश ने कभी विश्व शक्तियों को चुनौती देकर अपनी स्वतंत्र नीति का परिचय दिया था, वही देश आज अंतरराष्ट्रीय दबावों के सामने कमजोर दिखाई देने लगा है।

वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि देश को आज ऐसी नीतियों और नेतृत्व की आवश्यकता है जो राष्ट्रीय स्वाभिमान, आर्थिक आत्मनिर्भरता और जनहित को सर्वोपरि रखे। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूती केवल बड़े-बड़े भाषणों से नहीं बल्कि साहसिक निर्णयों, मजबूत आर्थिक नीतियों और स्वतंत्र विदेश नीति से सुनिश्चित होगी।

Bharat Sarathi
Author: Bharat Sarathi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

error: Content is protected !!