दो दिन में दो बार बढ़े सीएनजी के दामों पर ग्रामीण भारत संस्था ने जताया कड़ा विरोध
रेवाडी, 18 मई 2026। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने दो दिनों के भीतर सीएनजी गैस के दामों में कुल 3 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि को आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला कदम बताते हुए इसकी तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पहले पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई और साथ ही सीएनजी के दाम 2 रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए, जबकि अब पुनः 1 रुपये प्रति किलो की वृद्धि कर सरकार ने आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
विद्रोही ने कहा कि सीएनजी महंगी होने से टैक्सी, ऑटो और थ्री-व्हीलर चालकों का किराया बढ़ना तय है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों से महंगाई की ऐसी अंधी दौड़ शुरू हो चुकी है, जिसका अंत फिलहाल दिखाई नहीं देता।
उन्होंने आशंका जताई कि सीएनजी की कीमतों में दो चरणों में हुई बढ़ोतरी आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी रसोई गैस के दामों में और वृद्धि का संकेत है। विद्रोही के अनुसार ईंधन कीमतों में यह उछाल केवल परिवहन ही नहीं बल्कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों को भी प्रभावित करेगा, जिससे आमजन का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित होगा।
वेदप्रकाश विद्रोही ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान-अमेरिका तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जिसका प्रभाव भारत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय दबावों के कारण देश आर्थिक चुनौतियों की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पहले ही आर्थिक संकट और बढ़ती महंगाई को लेकर चेतावनी दे चुके थे, लेकिन उस समय उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। विद्रोही ने आरोप लगाया कि अब केंद्र सरकार स्वयं वैश्विक संकट और आर्थिक दबावों की बात स्वीकार कर रही है।
विद्रोही ने कहा कि आने वाला समय देश के आम नागरिकों के लिए आर्थिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है और सरकार को बढ़ती महंगाई पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।








