नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में उठे तीखे सवाल, जवाब अधूरे — प्रेस वार्ता बीच में समाप्त

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सवालों के बीच घिरी प्रेस वार्ता, जवाबों से बचते नजर आए जिम्मेदार नेता

गुरुग्राम, 13 अप्रैल। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को गुरुग्राम स्थित भाजपा जिला कार्यालय गुरुकमल में बड़ी स्क्रीन पर सुना गया। इसके उपरांत राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेखा शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

रेखा शर्मा ने अपने संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारी सम्मान के प्रति दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें नीति निर्माण में निर्णायक भूमिका प्रदान करेगा।

उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं—बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, मुद्रा योजना और आवास योजना—का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उनके अनुसार, यह कानून लोकतंत्र को अधिक समावेशी और संतुलित बनाएगा तथा महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देगा।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, प्रदेश सचिव गार्गी कक्कड़ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं उपस्थित रहीं।

प्रेस वार्ता में उठे सवालों पर असहजता

प्रेस वार्ता के दौरान संवाददाता द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए गए, जिन पर स्पष्ट उत्तर नहीं मिल सका। पूछे गए प्रश्नों में प्रमुख रूप से यह मुद्दा शामिल था कि क्या आरक्षण योग्यता के अवसरों को प्रभावित नहीं करता।

इसके साथ ही संविधान निर्माता बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के संदर्भ में यह सवाल भी उठाया गया कि संविधान में आरक्षण की समय-सीमा की समीक्षा का प्रावधान था, ऐसे में इसे निरंतर बढ़ाना किस हद तक उचित है—इस पर भी कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई।

संवाददाता ने गुरुग्राम में लंबे समय से सक्रिय महिला नेताओं—जैसे रश्मि भूषण, अजीत बेनीवाल, गार्गी कक्कड़, सुधा यादव आदि—के योगदान और वर्तमान स्थिति को लेकर भी प्रश्न किया, लेकिन इस विषय पर भी जवाब नहीं दिया गया।

एक अन्य महत्वपूर्ण सवाल स्थानीय स्वशासन और पंचायतों में महिलाओं को मिले आरक्षण के व्यावहारिक स्वरूप को लेकर था, जहां कई स्थानों पर महिलाओं की जगह उनके परिजन, विशेषकर पति, निर्णय लेते नजर आते हैं। इस पर रेखा शर्मा ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब व्यवस्था में बदलाव आ चुका है और महिलाएं स्वयं कार्य कर रही हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस समय से पहले समाप्त

लगातार उठते सवालों के बीच स्थिति कुछ असहज होती दिखाई दी और अंततः रेखा शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को बीच में ही समाप्त कर दिया। बाद में उन्होंने व्यक्तिगत रूप से बातचीत करने से भी इंकार कर दिया।

कार्यक्रम में मौजूद कुछ महिलाओं ने अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार किया कि उठाए गए प्रश्न महत्वपूर्ण और प्रासंगिक थे, जिन पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए थी।

महिलाओं ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों—शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता और सामाजिक कार्य—से जुड़ी महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुनकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए आभार व्यक्त किया। उपस्थित महिलाओं ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

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Author: Bharat Sarathi

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