जंतर-मंतर पर उमड़ा युवाओं का सैलाब, ‘युवा महापंचायत’ में आंदोलन का बिगुल

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ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ हुंकार

गुड़गांव, 11 अप्रैल 2026। राजधानी के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर शनिवार को देशभर से आए युवाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, जहां ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गेनाइजेशन (AIDYO) के बैनर तले ‘युवा महापंचायत’ का आयोजन किया गया। यह महापंचायत महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर आयोजित की गई, जिसमें बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे ज्वलंत मुद्दों पर निर्णायक संघर्ष का आह्वान किया गया।

गुड़गांव से प्रांतीय संयोजक बलवान सिंह के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए सैकड़ों युवाओं और जागरूक नागरिकों ने इस महापंचायत में भाग लिया। सभा के दौरान शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े प्रख्यात वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए।

प्रो. अतुल सूद ने अपने संबोधन में कहा कि सरकारें रोजगार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से बच रही हैं, जबकि शिक्षा नीतियों के माध्यम से युवाओं में सवाल करने की प्रवृत्ति को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों के जनवादी अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है और हालिया लेबर कोड इसका उदाहरण हैं।

वहीं प्रो. नंदिता नारायण ने विश्वविद्यालयों में खाली पड़े पदों और बढ़ते निजीकरण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्थायी नौकरियों की जगह कॉन्ट्रैक्ट आधारित रोजगार ने ले ली है, जिससे युवाओं का भविष्य अस्थिर हो गया है। परीक्षा रद्द होने की बढ़ती घटनाओं पर भी उन्होंने सवाल उठाए।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अमरजीत कुमार ने कहा कि बेरोजगारी अब केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को उनके मूल मुद्दों से भटकाने के लिए धर्म और जाति की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे ईश्वरचंद्र विद्यासागर, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आज़ाद और प्रीतिलता वादेदार जैसे महान व्यक्तित्वों के संघर्षों से प्रेरणा लेते हुए एक सशक्त आंदोलन खड़ा करें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दिनेश मोहंता ने की। विभिन्न राज्यों से आए युवा नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यह महापंचायत युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और संगठित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

महापंचायत के दौरान एक विस्तृत प्रस्ताव पारित कर देश की वर्तमान सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। अंत में, युवाओं ने संकल्प लिया कि वे ज्योतिबा फुले और देश के महान क्रांतिकारियों के आदर्शों पर चलते हुए एक न्यायपूर्ण समाज के निर्माण तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

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Author: Bharat Sarathi

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